अब इंतजार हुआ खत्म! बिहार के किसानों को बिना झंझट सिर्फ 15 मिनट में मिलेगा लाखों रुपये, जानें आसान तरीका Bihar Politics : चाह कर भी बागी विधायक को खुद से दूर नहीं कर सकते तेजस्वी ! JDU नेता का चैलेंज, बोले - हिम्मत हैं तो करें RJD से निष्काषित Patna LPG News : पटना में गैस पर सख्ती का बड़ा असर! अब इन लोगों को नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर; गैस एजेंसियों से कम हुई भीड़ EV बनी मौत की सौदागर: अचानक घर में लगी आग, फिर फटने लगे LPG सिलेंडर, 7 लोग जिंदा जले Airline Rules : अब फ्लाइट में पसंदीदा सीट चुनने के लिए नहीं देना होगा पैसा! सरकार का बड़ा फैसला, यात्रियों को मिली राहत BIHAR NEWS : 'तेजस्वी ने जानबूझकर भूमिहार को बलि का बकरा बना दिया ...', बोले BJP विधायक - हार तय थी तो परिवार से नहीं उतारा कैंडिडेट Road Project : पटना में ट्रैफिक से राहत! इस इलाके में बनेगी फोरलेन सड़क, 5 लाख लोगों को बड़ा फायदा BIHAR News : एलपीजी पर सख्ती: बिना e-KYC नहीं मिलेगा गैस सिलिंडर, कालाबाजारी पर सरकार का बड़ा एक्शन Bihar News : नीतीश कुमार फिर बनेंगे जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष! 19 मार्च को भरेंगे नामांकन, पार्टी में एकजुटता का बड़ा संदेश Bihar Teacher News : बिहार में शिक्षकों के लिए खुशखबरी; मॉडल स्कूलों के लिए ट्रांसफर शुरू; शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव
02-Jan-2021 06:50 PM
PATNA : बिहार में इंजीनियरों ने की नियमित प्रमोशन की मांग की है. नियमित प्रोन्नति को लेकर बिहार इंजीनियरिंग सर्विस एसोसिएशन ने नीतीश सरकार के सामने इसकी मांग रखी है. बिहार अभियन्त्रण सेवा संघ के महासचिव डॉ सुनील कुमार चौधरी ने अभियंताओ को नियमित प्रोन्नति देने की मांग करते हुए कहा कि अभी वर्तमान मे अभियंताओ को प्रोन्नति न देकर अपने कार्य के अतिरिक्त उच्चतर कार्य करने की अधिसूचना जारी की जाती है, जो प्रोन्नति के स्वरूप के साथ मजाक है. एक कमतर पदधारक से उच्चतर पद का काम लिया जाना न केवल अभियंता श्रमबल का शोषण है बल्कि अभियंताओ को हतोत्साहित करनेवाला, निराशाजनक, दुर्भाग्यपूर्ण और राज्य के विकास को प्रभावित करनेवाला है.
महासचिव डॉ सुनील कुमार चौधरी ने आगे कहा कि प्रोन्नति अभियंताओ का मौलिक अधिकार है और राज्य सरकार के लिए यह अनिवार्य है कि वे बिहार अभियन्त्रण सेवा में प्रोन्नति के लिए योग्य अधिकारियों की कैडर समीक्षा करें. सक्षम अभियंताओ को प्रोन्नति देना संविधान के अनुच्छेद 16 के तहत प्रदत्त उसके मौलिक अधिकारों का हिस्सा है. अभियंता राज्य सरकार की रीढ़ हैं.उन्होंने कहा कि इनके बिना राज्य के विकास की कल्पना करना भी बेमानी होगी. बावजूद अभियंतागण प्रोन्नति, वेतन विसंगति, पदस्थापन और कार्रवाई के नाम पर प्रताड़ना जैसे सवालों से जूझ रहे हैं.
आश्चर्यजनक पहलू यह है कि राज्य में अभियंताओ को एसीपी के मिलने के कारण वित्तीय लाभ दिया जा रहा है लेकिन क्रियाशील प्रोन्नति नही दी जा रही. राज्य सरकार में मौजूद अदृश्य शक्तियां अपने प्रभाव का उपयोग कर अभियंताओ की प्रोन्नति पर रोक लगाये हुए हैं. डॉ चौधरी ने मांग की कि प्रोन्नति के पदों पर “अपने ही वेतनमान में, अपने कार्य के अतिरिक्त,कार्यकारी व्यवस्था के तहत, प्रशासनिक दृष्टिकोण से, अगले आदेश तक ” जैसे मुहावरे का प्रयोग न कर नियमित और कार्यशील प्रोन्नति प्रदान की जाय अन्यथा अभियंता आन्दोलनात्मक कार्यक्रम की रूपरेखा तय करने पर मजबूर होगा.