Bihar News: घरेलू कलह से दंपति ने उठाया खौफनाक कदम, महिला की हालत गंभीर, पीएमसीएच रेफर प्रेम-प्रसंग में विवाहिता की हत्या, गला काटकर शव कुएं में फेंका, 5 आरोपी गिरफ्तार रसोई गैस ब्लास्ट से 4 लोग झुलसे, अवैध रूप से रखा गया था 60 सिलेंडर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए BJP ने जारी की 144 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट, देखिए.. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए BJP ने जारी की 144 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट, देखिए.. गूगल मैप पर भरोसा जान पर पड़ा भारी: रेलवे ट्रैक पर फंस गई कार, तभी आ गई अमृत भारत ट्रेन; जानिए.. फिर क्या हुआ? गूगल मैप पर भरोसा जान पर पड़ा भारी: रेलवे ट्रैक पर फंस गई कार, तभी आ गई अमृत भारत ट्रेन; जानिए.. फिर क्या हुआ? शराबबंदी का हाल हुआ बेहाल: कंटेनर से करीब 40 लाख की शराब जब्त, इतनी बड़ी खेप कैसे पहुंची बिहार? पटना में रिसेप्शन पार्टी के दौरान डबल मर्डर का खुलासा, 24 करोड़ की जमीन के लिए दो भाईयों की गोली मारकर की गई थी हत्या Bihar crime news : अपराधियों ने किया बड़ा कांड, इस जगह घर के भीतर हत्या; इलाके में मचा हडकंप
26-Aug-2021 07:08 AM
PATNA : बिहार में बेलगाम अफसरशाही के आरोपों के बीच अब माननीय को पूरा सम्मान मिलेगा। सांसद और विधानमंडल के सदस्यों को सम्मान देने को लेकर एक बार फिर सरकार के स्तर से आदेश जारी किया गया है। खासतौर पर सरकारी आयोजनों और मुख्यमंत्री और अन्य माननीयों द्वारा उद्घाटन-शिलान्यास के कार्यक्रमों में स्थानीय सांसद, विधायक, विधान पार्षद को आमंत्रित करना अब जरूरी होगा। माननीयों को ना केवल आमंत्रित किया जाएगा बल्कि समारोह में उनके लिए सम्मानजनक स्थान भी आरक्षित रहेगा। मुख्य सचिव त्रिपुरारि शरण ने सभी विभागों के प्रमुख के साथ डीजीपी, कमिश्नर और डीएम को इस बाबत बुधवार को पत्र लिखा है।
मुख्य सचिव ने कहा है कि सांसदों और विधानमंडल के सदस्यों के साथ शिष्टतापूर्ण और सम्मानजनक व्यवहार करने और राज्य में आयोजित समारोह या बैठकों में स्थान आरक्षित रखने को लेकर पहले से ही संकल्प जारी है। साथ ही माननीयों की तरफ से बताई गई समस्याओं का सम्मानजनक समाधन किए जाने के संबंध में भी विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया है। वहीं, जनवरी 2018 में जारी निर्देशों के तहत राज्य में आयोजित राजकीय समारोह या मुख्यमंत्री और अन्य माननीयों द्वारा किए जानेवाले शिलान्यास व उद्घाटन जैसे समारोह में स्थानीय सांसद व विधानमंडल के सदस्यों को निश्चित रूप से आमंत्रित करना है।
माननीयों के लिए वहां सम्मानजनक स्थान भी आरक्षित रखना है। बावजूद इसके कुछ मामलों में देखा गया है कि ऐसे समारोह में स्थानीय सांसदों और विधानमंडल सदस्यों को आमंत्रित नहीं किया गया और कई मौकों पर सम्मानजनक स्थान नहीं दिया गया। मुख्य सचिव ने ऐसे किसी समारोह में स्थानीय सांसद और विधानमंडल के सदस्यों को निश्चित रूप से आमंत्रित करने के साथ उनके लिए सम्मानजनक स्थान आरक्षित रखने का निर्देश देते हुए इसे सुनिश्चित करने को कहा है। माना जा रहा है कि सरकार के इस आदेश के बाद अब बिहार में जनप्रतिनिधियों की तरफ से अफसरशाही को लेकर लगने वाले आरोपों में कमी आएगी।