मुंगेर में इंटर परीक्षार्थी 3 दिन से लापता, दोस्त पर अपहरण का आरोप RJD के पूर्व विधायक रियाजुल हक ने थामा JDU का दामन, लालू-तेजस्वी की पार्टी को बड़ा झटका 8 फरवरी से बिहार यात्रा पर निकलेंगे प्रशांत किशोर, हार के बाद जन सुराज को नए सिरे से खड़ा करने की तैयारी पूर्णिया में जमीन विवाद बनी बड़ी समस्या, शिवम मेडिकल कॉलेज निर्माण में अड़चन का आरोप नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद बड़ा फैसला: बिहार में गर्ल्स हॉस्टल-लॉज के लिए नियम सख्त, 24 घंटे महिला वार्डन अनिवार्य, जानिये पूरी गाईडलाइन झारखंड के गोड्डा हॉस्टल से फरार 4 नाबालिग बच्चे जमुई स्टेशन पर बरामद, GRP ने परिजनों से मिलाया PMCH और NMCH में फ्लाइंग स्क्वायड की रेड, पकड़ा गया दलाल सफाईकर्मी टर्मिनेट बिहार से लापता 3 नाबालिग बच्चियां दिल्ली से बरामद, पुलिस ने किया परिजनों के हवाले गुलज़ारबाग़ प्रिंटिंग प्रेस के दुर्लभ दस्तावेजों का डिजिटलीकरण, मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण बदहाली का आलम देखिये: दिन के उजाले में मरीज का मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हुआ ईलाज
05-Nov-2023 08:50 AM
By First Bihar
PATNA : नवंबर का महीना शुरू हो चुका है और गुलाबी ठंड दस्तक दे चुकी है लेकिन उसके बावजूद बिहार में डेंगू के मामलों में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। बिहार के अंदर डेंगू अब इस कदर जानलेवा होते जा रहा है की राज्य में डेंगू से दो और मरीजों की मौत हो गई है। सरकारी आंकड़े बता रहे हैं कि इस साल अब तक 16000 से ज्यादा केस सामने आ चुके हैं। बीते 2 साल में बिहार के अंदर डेंगू का जबरदस्त फैलाव देखने को मिला है। ऐसे में यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर बिहार में डेंगू क्यों जानलेवा साबित तो होते जा रहा है और सरकार इस से बचाव के लिए किस स्तर पर तैयारी कर रही है?
पटना में 24 घंटे के अंदर 82 नये मरीजों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले में अब तक करीब 427 इलाकों व घरों में डेंगू का लार्वा मिला है। वर्तमान में 82 डेंगू मरीज पीएमसीएच, आइजीआइएमएस, एनएमसीएच और पटना एम्स अस्पताल में भर्ती हैं। . पटना में सिर्फ 4 नवंबर को डेंगू मरीजों का आंकड़ा सौ के पार जा चुका है।
मालूम हो कि, डेंगू बुखार ठंड के मौसम में ज्यादा फैलता है। बारिश और गुलाबी ठंड के सीजन में डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के पनपने की संभावनाएं ज्यादा होती हैं। बिहार में मॉनसून का असर खत्म हुए करीब दो हफ्ते बीत चुके हैं। मगर डेंगू का खतरा अभी टला नहीं है। राज्य में इस साल आए कुल केस में से अक्टूबर और नवंबर महीने के हैं। इसके बाबजूद पटना, भागलपुर समेत सभी शहरों में निगम और प्रशासन द्वारा एंटी लार्वा का छिड़काव नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा फॉगिंग भी जारी नहीं है। मगर फिर भी केस कम होने के नाम नहीं ले रहे हैं।