ब्रेकिंग न्यूज़

बिहार में गर्मी बढ़ने के साथ बढ़ीं अगलगी की घटनाएं, अग्निशमन विभाग ने कसी कमर पटना में इंगेजमेंट से पहले युवती अस्पताल में भर्ती, लड़के के खिलाफ केस दर्ज कराने से किया इनकार, क्या है पूरा मामला जानिये? सिर्फ 1% ब्याज पर मिलेगा लोन… इस स्कीम में छिपा बड़ा फायदा, जानें कैसे उठा सकते हैं लाभ बिहार में RTE के उल्लंघन पर सख्ती, शिक्षा विभाग ने 43 प्राइवेट स्कूलों से मांगा जवाब बिहार में RTE के उल्लंघन पर सख्ती, शिक्षा विभाग ने 43 प्राइवेट स्कूलों से मांगा जवाब अतिक्रमण मुक्त होंगी बेतिया राज की जमीनें, 250 से अधिक मकानों पर जल्द चलेगा बुलडोजर अतिक्रमण मुक्त होंगी बेतिया राज की जमीनें, 250 से अधिक मकानों पर जल्द चलेगा बुलडोजर पटना में बच्ची के साथ गंदा काम: पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा अगर आपके पास भी है आयुष्मान कार्ड, तो जान लें ये जरूरी बात…शहर के किस अस्पताल में मिलेगा मुफ्त इलाज, ऐसे करें तुरंत चेक बिहार के इन 8 स्टेशनों पर टिकट बुकिंग एजेंट की होगी नियुक्ति, युवाओं के लिए गोल्डन चांस

Home / news / बिहार के इस मेडिकल कॉलेज में भारी फर्जीवाड़ा, बिना नीट पास किए ही...

बिहार के इस मेडिकल कॉलेज में भारी फर्जीवाड़ा, बिना नीट पास किए ही 29 छात्रों का हो गया एडमिशन

13-Oct-2022 04:52 PM

SIWAN: बिहार के एक मेडिकल कॉलेज में नामांकन में भारी फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। मामला सीवान के दयानंद आयुर्वेदिक कॉलेज का है। यहां बिना नीट की परीक्षा पास किए ही 29 छात्र-छात्राओं का एडमिशन हो गया। सभी छात्र-छात्राओं का एडमिशन बीएएमएस कोर्स के लिए हुआ है। मामला संज्ञान में आने के बाद राजभवन की तीन सदस्यों की टीम बुधवार को सीवान स्थित दयानंद आयुर्वेदिक कॉलेज पहुंची और पूरे मामले की छानबीन की।


पूरे मामले में मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रजापति त्रिपाठी पर गंभीर आरोप लगे हैं। प्रिंसिपल पर आरोप है कि उन्होंने बिना नीट की परीक्षा पास किए 29 छात्र-छात्राओं का एडमिशन लिया है। राजभवन की टीम ने रातभर प्रिंसिपल प्रजापति त्रिपाठी से पूछताछ की। इस पूरे मामले को लेकर मेडिकल कॉलेज के सचिव पीएन पाठक ने निगरानी से जांच कराने की मांग कुलपति से की थी। प्रावधानों के मुताबिक बीएएमएस यूजी कोर्स में एडमिशन के लिए पहले छात्रों को पहले नीट की परीक्षा पास करनी होती है।


आयुर्वेदिक कॉलेज के प्रिंसिपल पर आरोप है कि उन्होंने नामांकन में नियमों की अनदेखी की है। राज्यपाल फागू चौहान के आदेश पर तीन सदस्सीय टीम का गठन किया गया। बुधवार को राजभवन की जांच टीम आयुर्वेदिक कॉलेज पहुंची और रातभर छापेमारी की। टीम में तिलकामांझी विवि भागलपुर के कुलपति, जेपी यूनिवर्सिटी के कुलपति, पटना के कुलपति केशरी मिश्रा शामिल थे। जांच के दौरान कुछ अहम दस्तावेजों टीम के हाथ लगे हैं जिसे वह अपने साथ लेकर पटना चली गई।