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बिहार के DSP फैज खां ने महिला दारोगा से कहा-बेड पर आओ, थानेदार बना दूंगा: अब सस्पेंड हुआ, एक मंत्री ने बचाने की पूरी कोशिश की थी

बिहार के DSP फैज खां ने महिला दारोगा से कहा-बेड पर आओ, थानेदार बना दूंगा: अब सस्पेंड हुआ, एक मंत्री ने बचाने की पूरी कोशिश की थी

18-Dec-2023 08:28 PM

By First Bihar

PATNA:  बिहार के मोहनिया के कुकर्मी डीएसपी फैज अहमद खां आखिरकार आज निलंबित कर दिया गया. डीएसपी फैज ने एक महिला दरोगा को वाट्सएप मैसेज भेजा था-बेड पर आ जाओ, थानेदार बना दूंगा. महिला दारोगा ने हिम्मत दिखायी और डीएसपी के खिलाफ सारे अधिकारियों को लिखित शिकायत की. आखिरकार आज गृह विभाग ने डीएसपी फैज अहमद खां को सस्पेंड कर दिया. 


पुलिस महकमे में हो रही चर्चा के मुताबिक एक मंत्री की सिफारिश पर फैज अहमद खां को मोहनिया जैसे मलाईदार जगह पर तैनात किया गया था. मंत्री ने डीएसपी का कुकर्म सामने आने के बाद भी उसे बचाने की पूरी कोशिश की. ऐसे में कई महीने तक डीएसपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई.


बिहार सरकार के गृह विभाग ने आज आदेश जारी किया है. इसमें कहा गया है कि फैज अहमद खां पर कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न का गंभीर मामला प्रथम दृष्टया सत्य पाया गया है. इसके कारण उसे बिहार सरकारी सेवक नियमावली-2005 के प्रावधानों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है. निलंबन अवधि में उसे पटना के आईजी कार्यालय में हाजिरी लगानी होगी. फैज अहमद खां के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी चलेगी.


बता दें कि मामला करीब पांच महीने पुराना है. डीएसपी फैज अहमद खां ने एक महिला सब इंस्पेक्टर को वाट्सएप चैट में बेहद आपत्तिजनक मैसेज भेजा था. डीएसपी नेव्हाट्सएप चैट में लिखा था-बेड पर आ जाओ, थानेदार बना दूंगा. डीएसपी की ऐसी हरकत पर महिला दरोगा सकते में आ गयी. उसने एसपी ललित मोहन शर्मा से लिखित शिकायत की थी. महिला दरोगा की शिकायत मिलने के बाद एसपी ललित मोहन शर्मा ने मामले की जांच महिलाओं के यौन उत्पीड़न को रोकने के लिए बनायी गयी कमेटी को सौंप दिया था. 


चूंकि मामला एक डीएसपी के खिलाफ था इसलिए एसपी ने जांच टीम का नेतृत्व करने के लिए डीएम से एक वरीय उपसमाहर्ता स्तर की पदाधिकारी की मांग की थी. डीएम ने वरीय उपसमाहर्ता सविता कुमारी को जांच टीम में शामिल करने की मंजूरी दी थी. डीएसपी पर लगे आरोपों की जांच के लिए बनी पांच सदस्यीय समिति में वरीय उपसमाहर्ता के अलावा महिला थाने की थाना पूनम कुमारी,  सरदार वल्ल्भ भाई कॉलेज की एसोसिएट प्रोफेसर सीमा पटेल भी शामिल थीं. जांच टीम ने जब छानबीन की तो महिला सब इंस्पेक्टर द्वारा लगाये गये सभी आरोप सही पाये गये. जांच रिपोर्ट को एसपी ने डीआईजी के पास कार्रवाई के लिए भेजा था. 


चार महीने से दबी थी फाइल

पिछले सितंबर महीने में ही शाहाबाद के डीआईजी नवीन चंद्र झा ने डीएसपी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के साथ साथ उसे निलंबित करने की की सिफारिश बिहार के पुलिस मुख्यालय को भेज दिया था. इस बीच डीएसपी फैज अहमद खां मामले को मैनेज करने की कोशिश करता रहा. सूत्रों की मानें तो कुकर्मी डीएसपी को बचाने के लिए एक मंत्री ने पूरी ताकत लगा दिया था. मंत्री की सिफारिश पर ही फैज अहमद खां की पोस्टिंग मोहनिया किये जाने की चर्चा पहले से थी. लेकिन तमाम दबावों के बावजूद महिला दरोगा अपनी लड़ाई लड़ती रही. आखिरकार, सोमवार को बिहार सरकार के गृह विभाग ने डीएसपी फैज अहमद खां को सस्पेंड कर दिया. 


PATNA:  बिहार के मोहनिया के कुकर्मी डीएसपी फैज अहमद खां आखिरकार आज निलंबित कर दिया गया. डीएसपी फैज ने एक महिला दरोगा को वाट्सएप मैसेज भेजा था-बेड पर आ जाओ, थानेदार बना दूंगा. महिला दारोगा ने हिम्मत दिखायी और डीएसपी के खिलाफ सारे अधिकारियों को लिखित शिकायत की. आखिरकार आज गृह विभाग ने डीएसपी फैज अहमद खां को सस्पेंड कर दिया. 


पुलिस महकमे में हो रही चर्चा के मुताबिक एक मंत्री की सिफारिश पर फैज अहमद खां को मोहनिया जैसे मलाईदार जगह पर तैनात किया गया था. मंत्री ने डीएसपी का कुकर्म सामने आने के बाद भी उसे बचाने की पूरी कोशिश की. ऐसे में कई महीने तक डीएसपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई.


बिहार सरकार के गृह विभाग ने आज आदेश जारी किया है. इसमें कहा गया है कि फैज अहमद खां पर कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न का गंभीर मामला प्रथम दृष्टया सत्य पाया गया है. इसके कारण उसे बिहार सरकारी सेवक नियमावली-2005 के प्रावधानों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है. निलंबन अवधि में उसे पटना के आईजी कार्यालय में हाजिरी लगानी होगी. फैज अहमद खां के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी चलेगी.


बता दें कि मामला करीब पांच महीने पुराना है. डीएसपी फैज अहमद खां ने एक महिला सब इंस्पेक्टर को वाट्सएप चैट में बेहद आपत्तिजनक मैसेज भेजा था. डीएसपी नेव्हाट्सएप चैट में लिखा था-बेड पर आ जाओ, थानेदार बना दूंगा. डीएसपी की ऐसी हरकत पर महिला दरोगा सकते में आ गयी. उसने एसपी ललित मोहन शर्मा से लिखित शिकायत की थी. महिला दरोगा की शिकायत मिलने के बाद एसपी ललित मोहन शर्मा ने मामले की जांच महिलाओं के यौन उत्पीड़न को रोकने के लिए बनायी गयी कमेटी को सौंप दिया था. 


चूंकि मामला एक डीएसपी के खिलाफ था इसलिए एसपी ने जांच टीम का नेतृत्व करने के लिए डीएम से एक वरीय उपसमाहर्ता स्तर की पदाधिकारी की मांग की थी. डीएम ने वरीय उपसमाहर्ता सविता कुमारी को जांच टीम में शामिल करने की मंजूरी दी थी. डीएसपी पर लगे आरोपों की जांच के लिए बनी पांच सदस्यीय समिति में वरीय उपसमाहर्ता के अलावा महिला थाने की थाना पूनम कुमारी,  सरदार वल्ल्भ भाई कॉलेज की एसोसिएट प्रोफेसर सीमा पटेल भी शामिल थीं. जांच टीम ने जब छानबीन की तो महिला सब इंस्पेक्टर द्वारा लगाये गये सभी आरोप सही पाये गये. जांच रिपोर्ट को एसपी ने डीआईजी के पास कार्रवाई के लिए भेजा था. 


चार महीने से दबी थी फाइल

पिछले सितंबर महीने में ही शाहाबाद के डीआईजी नवीन चंद्र झा ने डीएसपी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के साथ साथ उसे निलंबित करने की की सिफारिश बिहार के पुलिस मुख्यालय को भेज दिया था. इस बीच डीएसपी फैज अहमद खां मामले को मैनेज करने की कोशिश करता रहा. सूत्रों की मानें तो कुकर्मी डीएसपी को बचाने के लिए एक मंत्री ने पूरी ताकत लगा दिया था. मंत्री की सिफारिश पर ही फैज अहमद खां की पोस्टिंग मोहनिया किये जाने की चर्चा पहले से थी. लेकिन तमाम दबावों के बावजूद महिला दरोगा अपनी लड़ाई लड़ती रही. आखिरकार, सोमवार को बिहार सरकार के गृह विभाग ने डीएसपी फैज अहमद खां को सस्पेंड कर दिया.