बिहार बाल वैज्ञानिक शोध कार्यक्रम 2025: विद्या विहार रेसिडेंशियल स्कूल के छात्र-छात्राओं ने लहराया परचम, 14वीं बार राज्य पुरस्कार के लिए हुआ चयन Bihar Bhumi: नए साल के पहले दिन जमीन मालिकों को नया तोहफा...CO-DCLR की मनमानी पर चला हथौड़ा ! संविधान के अनुच्छेद-14 और Parity Principle का हर हाल में करना होगा पालन Vande Bharat Sleeper Train: नए साल के पहले दिन देश को मिली पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात, किराया और रूट तय; जानिए.. Vande Bharat Sleeper Train: नए साल के पहले दिन देश को मिली पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात, किराया और रूट तय; जानिए.. मां को जन्मदिन की बधाई: राबड़ी देवी के जन्मदिन पर तेज प्रताप ने किया भावुक पोस्ट, कहा..जब बुरा वक्त था तब भी आप मेरे साथ खड़ी थीं Bihar Crime News: नए साल के जश्न के बीच बिहार में गला रेतकर युवक की हत्या, भूमि विवाद में मर्डर की आशंका Bihar Crime News: नए साल के जश्न के बीच बिहार में गला रेतकर युवक की हत्या, भूमि विवाद में मर्डर की आशंका बड़ा खुलासा: संयोग है या कुछ और...? मंत्री मंगल पांडेय की सभी 'प्रॉपर्टी' के दाम गिरे ! पटना वाले फ्लैट का 1 साल में मार्केट वैल्यू 4.33 लाख हुआ कम, सिवान-दिल्ली में भी भारी नुकसान नए साल में बिहार में जॉब की बहार: इतने लाख युवाओं को सरकारी नौकरी, लाखों लोगों को रोजगार नए साल में बिहार में जॉब की बहार: इतने लाख युवाओं को सरकारी नौकरी, लाखों लोगों को रोजगार
01-Sep-2021 09:17 PM
By DEEPAK RAJ
BAGHA: बिहार के बाढ़ पीड़ितों की जिन्दगी उत्तर प्रदेश सरकार के राहत कैंप के भरोसे कट रही हैं। यह हम नहीं कह रहे बल्कि तस्वीरें कह रही है। यूपी राहत कैंप में रह रहे लोग कह रहे हैं। बिहार सरकार की ओर से राहत कार्य चलाए जाने की राह देखते-देखते जब लोग थक गये तब उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे राहत शिविर में जाने का फैसला लिया। क्योंकि सवाल पेट का था ऐसे में पड़ोसी राज्य के कैंप में जाने को लोग विवश हो गये। लोगों के लिए यह कैंप डूबते को तिनके का सहारा जैसा साबित हुआ। यहां आए लोगों को यूपी सरकार की तरफ से हर तरह की सुविधाएं उपलब्ध करायी गयी है।
उत्तर प्रदेश की ओर से बिहार के बाढ़ प्रभावित लोगों के रहने, खाने, इलाज सहित कई सुविधाएं मिल रही है। यूपी-बिहार बॉर्डर पर बने राहत कैंप में सैकड़ों लोगों के रहने की व्यवस्था की गयी है। यह सब यूपी सरकार के भरोसे हो रही है। कैंप में एसडीएम नजीर बने हुए हैं जो बिहार के प्रशासनिक पदाधिकारियों को यह आइना दिखाने का काम रहे हैं। बीते एक सप्ताह से बगहा के कांटी टोला के 80 घरों का परिवार सालिकपुर पुलिस चेक पोस्ट के पास यूपी सरकार द्वारा दिन-रात चलाए जा रहे राहत कैंप में अपने परिवार के साथ रह रहे हैं।
हद तो तब हो गई कि जब इन पीड़ित परिवारों को भोजन,पानी,नाश्ता, दवा तो दूर इनकी सुध लेने के लिए भी बिहार के अधिकारी नहीं पहुंचे। इस विपदा की घड़ी में बिहार के बाढ़ पीड़ितों के साथ यदि कोई थे तो वो यूपी सरकार और यूपी सरकार के अधिकारी थे जिन्हें खड्डा एसडीएम के नाम से जाना जा रहा है। यह अपनी पूरी टीम के साथ आज भी रात दिन कैंप करके बाढ़ पीड़ितों की मदद कर रहे हैं।
इस कैंप की चर्चा बिहार और यूपी के कई इलाकों में भी हो रही है। वही बिहार सरकार के प्रति बाढ़ पीड़ितों में खासा आक्रोश देखने को मिल रहा है। बीते एक सप्ताह से बगहा के कांटी टोला निवासी 80 घरों का परिवार सालिकपुर पुलिस चेक पोस्ट के पास यूपी सरकार द्वारा दिन-रात चलाए जा रहे राहत कैंप में अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। साथ में लाए गये मवेशी भी इसी राहत कैंप में विचरण करते नजर आ रहे है। उत्तर प्रदेश सरकार के राहत कैंप में रह रहे लोगों में अपने सरकार के प्रति खासा आक्रोश देखने को मिल रहा है।
इन्हें इस बात का मलाल है कि बाढ़ से इनकी स्थिति दयनीय हो गयी थी। उस वक्त इनके आंखों के आंसू पोछने वाला भी कोई नहीं था। ना बिहार सरकार की नजर इन पर गई और ना ही सरकार के किसी अधिकारियों की ही।
यूपी के कैंप में रह रहे लोगों का कहना है कि वे काफी दिनों बिहार सरकार द्वारा राहत कार्य चलाए जाने को लेकर टकटकी लगाए बैठे थे लेकिन जब किसी तरह की मदद नहीं नसीब हुई तब वे पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा लगाए गये राहत कैंप में जाकर शरण लेना मुनासिब समझे। जहां आज भी परिवार के साथ वे कैंप में रह रहे हैं। बिहार के बाढ़ पीड़ित इस दौरान यूपी सरकार की तारिफ करते नहीं थक रहे हैं।




