ब्रेकिंग न्यूज़

मोदी सरकार "चींटी पर तोप चला रही हैं, आरजेडी सांसद का बड़ा बयान, कहा..बीमारी कैंसर की है और इलाज सिरदर्द का कर रहे है रेरा बिहार ने बिल्डरों को दी सख्त चेतावनी: अब अधूरे दस्तावेज़ पर नहीं होगा प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन पटना-गया के बीच एक जोड़ी पैसेंजर स्पेशल ट्रेन की शुरुआत, सभी स्टेशनों पर रुकेगी रेल यात्रियों को बड़ी राहत: बरौनी-नई दिल्ली और दरभंगा-नई दिल्ली स्पेशल ट्रेनों के परिचालन अवधि में विस्तार सरकार की गलत नीतियों का खामियाजा देश भुगत रहा: मुकेश सहनी का केंद्र पर हमला chaiti chhath 2026: सूर्योपासना के दूसरे दिन छठ व्रतियों ने किया खरना पूजा, 36 घंटे की निर्जला व्रत की हुई शुरुआत सुकृष्णा कॉमर्स अकेडमी के बच्चों ने इंटर एग्जाम में लहराया परचम, लगातार दूसरी बार बने बिहार टॉपर अरवल को नीतीश ने दिया बड़ा तोहफा: 150 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं का किया उद्घाटन-शिलान्यास जेल से छूटने के बाद बोले अनंत सिंह, 4 किलोमीटर दूर खड़े थे फिर भी मुझे फंसाया गया अब फेक खबरों का खेल खत्म! गूगल का यह जबरदस्त टूल बताएगा सच और झूठ की पूरी कहानी, जानिए नया अपडेट

Home / news / बिहार : CM नीतीश और स्पीकर के बीच नोकझोंक का मामला गरमाया, राजद...

बिहार : CM नीतीश और स्पीकर के बीच नोकझोंक का मामला गरमाया, राजद ने कहा- मुख्यमंत्री को संविधान की जानकारी नहीं

15-Mar-2022 05:19 PM

PATNA : बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा के बीच नोकझोंक का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। राजद ने विधानसभा में हुई इस घटना की घोर निंदा की है। राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा है कि विधानसभा अध्यक्ष के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जो बर्ताव किया उससे सदन की मर्यादा तार-तार हो गई है। जगदानंद सिंह ने कहा कि बिहार में सरकार पूरी तरह से असभ्य हो चुकी है।


जगदानंद सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री संविधान का ज्ञान नहीं है। उन्हें अगर यह पता रहता कि संविधान कार्यपालिका से ऊपर होता है तो सदन में वे इस तरह की बात नहीं बोलते। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को जिस तरह से बिहार विधानसभा में शर्मसार किया गया है, निश्चित तौर पर यह गलत है। ऐसी परंपरा लोकतंत्र के लिए खतरनाक है जिसमें विधानसभा अध्यक्ष को सदन चलाने का नियम बताया जाये। मुख्यमंत्री ने स्पीकर के खिलाफ जिन शब्दों का प्रयोग किया आजतक किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री ने ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं किया होगा।


उन्होंने कहा कि सदन की मर्यादा का हनन करके सदन की गरिमा को अपने अहंकार और कटुता के कारण पहले जहां सदस्य अध्यक्ष से बोलने की अनुमति लेते थे वही मुख्यमंत्री बिना अध्यक्ष की अनुमति के ही सदन में आकर हस्तक्षेप करते हुए अपने ज्ञान का बखान करने लगे।जगदानन्द सिंह ने आरोप लगाया है कि बीते 23 मार्च को भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा और सदन की मर्यादा को तार-तार करवाया था। 


उस समय विधायकों के साथ जो मारपीट की घटना हुई थी, तब मुख्यमंत्री ने सदन में कहा था की सदन स्पीकर के अनुसार चलता है, लेकिन कल उसी सदन में मुख्यमंत्री ने स्पीकर की मर्यादा को तार-तार करके लोकतंत्र को कमजोर किया।उन्होंने कहा कि भाजपा जदयू और अन्य घटक दल को अलग कर के नहीं देखा जा सकता और उन्हें दोषमुक्त नहीं किया जा सकता है। अगर सदन के नेता और मुख्यमंत्री को सदन की मर्यादा का ख्याल नहीं है तो ऐसी सरकार को गिरा देने में ही भलाई है।