ब्रेकिंग न्यूज़

बिहार में अवैध शराब पर बड़ी कार्रवाई: मुखिया समेत 15 लोग गिरफ्तार, उत्पाद विभाग का सख्त अभियान पहले पति की बेरहमी से हत्या… अब पत्नी ने दो मासूम बच्चों संग उठाया खौफनाक कदम, तीनों की हालत नाजुक देशभर में 1 अप्रैल से लागू होंगे नए श्रम कानून, सैलरी, ओवरटाइम और सामाजिक सुरक्षा में बड़े बदलाव; क्या होगा असर? देशभर में 1 अप्रैल से लागू होंगे नए श्रम कानून, सैलरी, ओवरटाइम और सामाजिक सुरक्षा में बड़े बदलाव; क्या होगा असर? पटना में परिवहन विभाग की सख्ती: 800 से अधिक BH सीरीज वाहनों पर जुर्माना, 575 वाहनों से भारी वसूली पटना में परिवहन विभाग की सख्ती: 800 से अधिक BH सीरीज वाहनों पर जुर्माना, 575 वाहनों से भारी वसूली LPG किल्लत और बढ़ती महंगाई के खिलाफ सरकार को घेरने की तैयारी में बिहार कांग्रेस, वरिष्ठ नेताओं का पैनल तैयार LPG किल्लत और बढ़ती महंगाई के खिलाफ सरकार को घेरने की तैयारी में बिहार कांग्रेस, वरिष्ठ नेताओं का पैनल तैयार बिहार में दिन में सस्ती और शाम में महंगी बिजली, हर महीने बचेंगे इतने रूपए; पावर कंपनी ने गिनाए फायदे बिहार में दिन में सस्ती और शाम में महंगी बिजली, हर महीने बचेंगे इतने रूपए; पावर कंपनी ने गिनाए फायदे

Home / news / बिहार विधान परिषद में अंग्रेजी पर उखड़ गये नीतीश: कहा-हिन्दी को एकदम खत्म...

बिहार विधान परिषद में अंग्रेजी पर उखड़ गये नीतीश: कहा-हिन्दी को एकदम खत्म कर दीजियेगा क्या?

20-Mar-2023 02:39 PM

By First Bihar

PATNA: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज बिहार विधान परिषद में अंग्रेजी पर हत्थे से उखड़ गये। उन्होंने सभापति देवेश चंद्र ठाकुर से पूछा-एकदम हिन्दी को खत्म कर दीजियेगा क्या? इससे पहले नीतीश कुमार किसानों के सम्मेलन में एक किसान के अंग्रेजी बोलने पर भी गर्म हो गये थे।


क्यों उखड़ गये नीतीश?

दरअसल बिहार विधान परिषद में एक डिस्प्ले बोर्ड लगा है. उसमें सदन में हो रही कार्यवाही की जानकारी दी जाती है. किस सदस्य को बोलना है, किसे कितना देर बोलना है. ये सारी जानकारी डिस्प्ले बोर्ड पर चलती रहती है. नीतीश कुमार सोमवार की दोपहर विधान परिषद के अंदर घुसे तो उनकी नजर डिस्प्ले बोर्ड पर पड़ी. वहां अंग्रेजी में जानकारी दी जा रही थी. इसके बाद नीतीश कुमार उखड़ गये।


 उन्होंने सभापति से कहा- “डिस्प्ले बोर्ड पर क्या लिखे हुए हैं. ऑनरेबुल लिख दिये हैं. क्या मतलब है साहब. स्पीकिंग टाइम लिखा हुआ है. इ सब का क्या अर्थ है. बिहार में इस तरह से क्यों लिखते हैं. काहे के लिए चलवाये हैं इ सब, फालतू चीज है. इसको ठीक कराइये. सब हिन्दी में रहना चाहिये. देखिये न, फिर अंग्रेजी में ही लिखे हुए हैं. एकदम हिन्दी को खत्मे कर दीजियेगा क्या. बताइये, इ सब ठीक कराइये.”


मुख्यमंत्री गर्म थे और आसन पर बैठे सभापति देवेश चंद्र ठाकुर को जवाब नहीं सूझ रहा था. वे बार बार कह रहे थे कि ठीक कर लिया जायेगा. हिन्दी में अपलोड हो जायेगा. सभापति ने कम से कम पांच बार कहा कि ये ठीक हो जायेगा।


बता दें कि इससे पहले भी अंग्रेजी पर नीतीश गर्म हो गये थे. कृषि रोड मैप को लेकर राज्य सरकार ने पटना में किसानों का सम्मेलन बुलाया था. उसमें एक किसान ने अंग्रेजी में बोलना शुरू किया तो नीतीश मंच से ही उस पर गर्म हो गये. उन्होंने कहा कि बिहार में अंग्रेजी में भाषण नहीं चलेगा. एम.बी.ए पास कर खेती करने किसान को अंग्रेजी में भाषण रोक कर हिन्दी में बोलना पड़ा था।