ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar Top 10 News: NEET केस की गूंज दिल्ली तक, डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक की तैयारी, AI से 31 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी गई बोधगया में जनकल्याण संवाद के दौरान बुजुर्ग के गुस्से को देख बोले विजय सिन्हा, कहा..जब दिल का दर्द निकलता है, तभी बीमारी का पता चलता है जमुई में एक फ्लैट से नाबालिग छात्र-छात्राओं को पुलिस ने पकड़ा, इलाके में मचा हड़कंप बिहार से चोरी हुआ ट्रैक्टर राजस्थान से बरामद, एक आरोपी भी गिरफ्तार गोपालगंज में अवैध शराब पर बड़ी कार्रवाई, करोड़ों की वाइन पर चला बुलडोजर South Bihar Express : साउथ बिहार एक्सप्रेस में सीट को लेकर जमकर हुआ विवाद, कबड्डी खिलाड़ियों पर हमला; चार-पांच जख्मी Bihar police alert : समस्तीपुर कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, डिस्ट्रिक्ट जज के ई-मेल पर आया मैसेज दरभंगा में समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया ऐलान, कहा..सरकारी डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर नहीं चलेगी गेहूं के खेत में मृत मिला बाघ, इलाके में दहशत, करंट लगने से मौत की आशंका Bihar police alert : बिहार के कई जिलों की अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी, पटना सिविल कोर्ट से दो युवक पिस्तौल के साथ गिरफ्तार

कोरोना वैक्सीन का ट्रायल डोज लेने वाले वॉलेंटियर की मौत, 9 दिन पहले लिया था टीका

कोरोना वैक्सीन का ट्रायल डोज लेने वाले वॉलेंटियर की मौत, 9 दिन पहले लिया था टीका

09-Jan-2021 09:55 AM

BHOPAL:  कोरोना वैक्सीन का ट्रायल डोज लेने वाले वॉलेंटियर की 9 दिनों के बाद मौत हो गई. मौत किस कारण हुई है वह अभी तक साफ नहीं हो पाया है. क्योंकि उसकी फाइन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आना अभी बाकी की. मृतक जमालपुर के सूबेदार कॉलोनी में रहता था. 


मौत के बारे में बताया जा रहा है कि भोपाल के पीपुल्स मेडिकल कॉलेज में 12 दिसंबर को ट्रायल टीका लगाया था. लेकिन 47 साल के वॉलेंटियर दीपक मरावी की 21 दिसंबर को मौत हो गई. 22 दिसंबर को उनके शव का पोस्टमार्टम कराया गया. प्रारंभिक रिपोर्ट में शव में जहर मिलने की पुष्टि हुई है. पुलिस विसरे का कैमिकल एनालिसिस कराएगी. 


अचानक तबीयत हो गई थी खराब

मृतक के बेटे आकाश ने पुलिस को बताया है कि पिता दीपक मरावी को 19 दिसंबर को अचानक घबराहट, बैचेनी और उल्टियां होने लगी. लेकिन उन्होंने इसे सामान्य बीमारी समझकर इलाज नहीं कराया. आकाश के अनुसार डोज लगवाने के बाद से पिता ने मजदूरी पर जाना बंद कर दिया था, वे कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कर रहे थे. 


सूचना देने के बाद भी नहीं पहुंचे कर्मी

मृतक के बेटे आकाश ने गंभीर आरोप भी लगाया है. बताया कि वैक्सीन लेने के बाद सेहत का हाल जानने हॉस्पिटल से फोन आते रहे. जब उनकी मौत हुई तो हॉस्पिटल प्रबंधन से तीन बार कॉल आया, लेकिन कोई कर्मी घर पर नहीं आया. जब उसने कॉल कर जानकारी दी तो एग्जीक्यूटिव ने कॉल डिसकनेक्ट कर दिया. मरने के बाद दूसरे डोज के लिए कॉल आया. वही, पीपुल्स मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अनिल दीक्षित ने कहा है कि वॉलेंटियर दीपक मरावी की मौत की जानकारी मिली है. उन्हें क्नीनिकल ट्रायल में वैक्सीन लगाया गाया था. पोस्टमार्टम का फाइनल रिपोर्ट आने के बाद ही कारण स्पष्ट हो पाएगा.