ममता बनर्जी ने आदिवासी समुदाय और राष्ट्र के सर्वोच्च पद का किया अपमान, सम्राट चौधरी ने इसे बताया बेहद शर्मनाक! किसान के बेटे शिवराज ने UPSC में हासिल की सफलता, चौथे प्रयास में 496वीं रैंक, बनमनखी के सौरभ रंजन को 567वां स्थान नेपाल चुनाव में बालेन शाह की शानदार जीत, भारत विरोधी केपी ओली शर्मा की हार बिहार में ओवैसी के विधायक को धमकी, बदमाशों ने मांगी 5 लाख की रंगदारी; कनाडा से आया व्हाट्सएप कॉल बिहार में ओवैसी के विधायक को धमकी, बदमाशों ने मांगी 5 लाख की रंगदारी; कनाडा से आया व्हाट्सएप कॉल नीतीश कुमार की मीटिंग में गए पूर्व विधायक, पीछे से चोरों ने घर कर दिया साफ; कैश-गहने और जरूरी कागजात गायब बिहार के ‘सिल्क सिटी’ पर अमेरिका-ईरान तनाव का व्यापक असर, 25 करोड़ का ऑर्डर रद्द; बुनकरों के सामने गहराया संकट बिहार के ‘सिल्क सिटी’ पर अमेरिका-ईरान तनाव का व्यापक असर, 25 करोड़ का ऑर्डर रद्द; बुनकरों के सामने गहराया संकट बिहार में करोड़ों की ठगी का भंडाफोड़: इन्वेस्टमेंट के नाम पर 20 करोड़ ऐंठे, गिरोह का सरगना गिरफ्तार यहां बनेगा बिहार का दूसरा चिड़ियाघर, परियोजना को मिली सैद्धांतिक मंजूरी; जल्द शुरू होगा काम
17-Sep-2024 03:48 PM
By First Bihar
ROHTAS: बिहार के रोहतास जिले में एक बंदर और बंदरिया की मौत की चर्चा इलाके में खूब हो रही है। मौत के बाद दोनों का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज के साथ किया गया। लोगों ने बताया कि पहले बंदर की मौत हो गयी उसके बाद बंदरिया ने वियोग में अपनी जान दे दी। दरअसल बंदर बिजली के हाई वोल्टेज तार के चपेट में आकर झुलस गया। दर्द के कराह रहे बंदर की मौके पर ही मौत हो गयी।
जिसके बाद स्थानीय लोगों ने वन विभाग की मदद से मृतक बंदर का अंतिम संस्कार करने लगे तभी अचानक उसी हाई वोल्टेज तार पर कूद कर बंदरिया ने भी जान दे दी। लोगों का कहना था कि यह घटना देखकर ऐसा लग रहा है कि बंदर की मौत का सदमा बंदरिया बर्दाश्त नहीं कर पाई और उसके वियोग में अपनी जान दे दी। जिस तरह से बंदर की मौत बिजली के हाई वोल्टेज तार की चपेट में आने से हुई थी उसी तरह के मौत को बंदरियां ने भी गले लगा ली।
जिसके बाद दोनों बंदर बंदरियां का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। बता दें कि डालमियानगर के सिंघौली रोड में एक विशाल पेड़ पर दो-तीन बंदर उछल-कूद कर रहे थे। इस दौरान पेड़ के बगल से गुजर रहे हाई वोल्टेज तार की चपेट में एक बंदर आ गया। जिसे मोहल्ले के लोगों ने उठाकर अंतिम संस्कार करने लगे। यह पूरा वाक्या मादा बंदरिया देख रही थी। बाद में बदहवास मादा बंदर भी उसी तार पर कूद गयी और अपनी जान दे दी। जिसके बाद इस घटना की चर्चा इलाके में खूब होने लगी। कुछ लोगों का कहना था कि बंदर की मौत के वियोग में मादा ने जान दे दी।