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17-Feb-2021 05:24 PM
DESK : जिंदगी जीने के लिए रोटी, कपड़ा और मकान, इन तीनों चीजों की काफी जरूरत होती है. इसी जरूरत को पूरा करने के लिए एक बिजनेसमैन अपनी मेहनत की कमाई को बक्से में काफी संभाल कर रखता था. लेकिन जब उसने बक्से को खोला तो देखा कि उसके सपने को दीमक खा गए. उसकी मेहनत और ईमानदारी की कमाई पर दीमक की नजर पड़ गई. सारे रुपयों में दीमक लग गए थे.

मामला आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले का है, जहां माइलवारम इलाके में बिजली जमालय नाम के एक कोरोबारी ने आलीशान घर बनवाने के लिए खूब पैसे जमा किए लेकिन अब उसका वही पैसा रद्दी में तब्दील हो चुका है. क्योंकि उसके सारे पैसे दीमक खा गए. सब कुछ बर्बाद हो गया. बताया जा रहा है कि बिजली जमालय नाम का कारोबारी सूअरों को खरीदने-बेचने का काम करता था. इससे उसे जो भी आमदनी होती थी वो उसे किसी बैंक खाते में रखने की जगह अपने घर में एक बक्से में रख देता था. उसने इन पैसों से खुद के लिए एक बड़ा सा घर बनवाने का सपना देखा था.

बिजली जमालय ने घर में ही एक बक्से में पांच लाख रुपये रखे थे. सोचा था 10 लाख रुपये हो जाएंगे तो घर बनवाएगी. व्यापार के लिए एक लाख रुपये की जरूरत पड़ी तो बक्सा खोलने पर उसके होश उड़ गए. रुपयों में दीमक लग गए थे. बिजली जमालय का रो-रोकर बुरा हाल है. उसका परिवार पुलिस के पास भी न्याय की गुहार लगाने गया.

व्यवसायी बिजली जमालया के अनुसार उसने 500 और 200 रुपये के नोट को बक्से में छिपाया था लेकिन उसे इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि दीमक इस तरह से उसके रुपये चट कर जाएंगे. इस पैसे में दीमक लग जाने और उन्हें बेकार हो जाने के बाद जामलय्या ने इन नोटों को सड़क किनारे खेल रहे स्थानीय बच्चों में बांट दिया.लड़कों को इतनी बड़ी मात्रा में नकदी के साथ घूमता देख लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी.इसके बाद पुलिस ने इसकी जांच की और पूरा मामला खुलकर सामने आया.
