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जिस बेटी का किया अंतिम संस्कार, उसने 10 दिन बाद पिता को फोन करके बताया- मैं जिंदा हूं पापा, मैंने शादी कर ली है ; अब उस शव का पता लगाने में जुटी पुलिस जिसका हुआ था अंतिम संस्कार

जिस बेटी का किया अंतिम संस्कार, उसने 10 दिन बाद पिता को फोन करके बताया- मैं जिंदा हूं पापा, मैंने शादी कर ली है ; अब उस शव का पता लगाने में जुटी पुलिस जिसका हुआ था अंतिम संस्कार

08-Apr-2024 05:22 PM

By RITESH HUNNY

SAHARSA : बीते 23 मार्च को एक लड़की अचानक घर से गायब हो गयी थी। जिसके बाद उसके पिता ने बेटी के अपहरण का केस थाने में दर्ज करा दिया। वही 28 मार्च को नदी से एक महिला का शव बरामद हुआ था। इस शव को पिता ने अपनी बेटी की लाश बताकर उसका अंतिम संस्कार तक कर दिया। लेकिन अंतिम संस्कार के 10 दिन बाद उसके जिंदा होने की खबर मिली। यह सूचना खुद बेटी ने फोन करके अपने पिता को दी। कहा कि पापा हम जिंदा हैं शादी कर लिये हैं। जो केस किये हैं उसे वापस ले लीजिए।


मामला सहरसा के बसनही थानाक्षेत्र का है। जहां विगत 28 मार्च को अपनी पुत्री बताकर जिस पिता ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया था वह अचानक सामने आ गयी। इस मामले में अब नया मोड़ आ गया। बेटी ने अपने पिता को फोन कर बताया कि वह जिंदा है और उसने शादी कर ली है। आपने अपहरण की आशंका पर बसनही थाने में जो केस दर्ज करवाया है उसे वापस ले लिजिए। शिवानी के फोन के बाद इस मामले में एक अलग ही मोड़ आ गया है। जिस युवती का शव बरामद हुआ था, अब उसकी पहचान करना पुलिस के लिए चुनौती बन गई है। फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन में जुट गयी है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जब मृतका जीवित है तब किस लड़की के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है? 


बताया जाता है कि नरहैया गांव निवासी राजीव साह की 20 वर्षीया विवाहिता बेटी शिवानी बीते 23 मार्च को घर से अचानक लापता हो गई थी। पिता ने गांव के ही आधा दर्जन लोगों के खिलाफ अपनी बेटी के अपहरण का मामला दर्ज कराया था। पुलिस मामले की छानबीन कर ही रही थी कि  26 मार्च की सुबह नोनैति गांव स्थित सूरसर नदी किनारे प्लास्टिक के बोरे में बंधे जींस टॉप पहनी एक लड़की का शव बरामद हुआ। युवती का चेहरा तेजाब से झुलसा हुआ था। युवती का शव मिलने की सूचना पर पिता ने उसे अपनी बेटी के रूप में पहचान की। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव को राजीव साह के हवाले कर दिया। 


इधर, 27 मार्च की सुबह राजीव साह के दामाद ने अपनी पत्नी का शव होने से इनकार कर दिया। वहीं, अपहरण मामले में नामजद अभियुक्त अशोक मंडल ने एसपी को आवेदन देकर  राजीव साह के खिलाफ झूठे केस में फंसाने का आरोप लगाते हुए इंसाफ की गुहार लगायी। पुलिस ने शिवानी द्वारा अपने पिता को किए गए फोन काॅल की रिकार्डिग उसके सगे-संबंधियों को सुनाई और शिवानी की आवाज होने की पुष्टि की। बसनहीं थानाध्यक्ष संतोष कुमार निराला ने बताया कि शिवानी का अपहरण नहीं हुआ था। वह सिवान के किसी अमित गुप्ता के साथ भागकर शादी कर ली है, जल्द ही उसे बरामद कर पूरे मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।

SAHARSA : बीते 23 मार्च को एक लड़की अचानक घर से गायब हो गयी थी। जिसके बाद उसके पिता ने बेटी के अपहरण का केस थाने में दर्ज करा दिया। वही 28 मार्च को नदी से एक महिला का शव बरामद हुआ था। इस शव को पिता ने अपनी बेटी की लाश बताकर उसका अंतिम संस्कार तक कर दिया। लेकिन अंतिम संस्कार के 10 दिन बाद उसके जिंदा होने की खबर मिली। यह सूचना खुद बेटी ने फोन करके अपने पिता को दी। कहा कि पापा हम जिंदा हैं शादी कर लिये हैं। जो केस किये हैं उसे वापस ले लीजिए।


मामला सहरसा के बसनही थानाक्षेत्र का है। जहां विगत 28 मार्च को अपनी पुत्री बताकर जिस पिता ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया था वह अचानक सामने आ गयी। इस मामले में अब नया मोड़ आ गया। बेटी ने अपने पिता को फोन कर बताया कि वह जिंदा है और उसने शादी कर ली है। आपने अपहरण की आशंका पर बसनही थाने में जो केस दर्ज करवाया है उसे वापस ले लिजिए। शिवानी के फोन के बाद इस मामले में एक अलग ही मोड़ आ गया है। जिस युवती का शव बरामद हुआ था, अब उसकी पहचान करना पुलिस के लिए चुनौती बन गई है। फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन में जुट गयी है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जब मृतका जीवित है तब किस लड़की के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है? 


बताया जाता है कि नरहैया गांव निवासी राजीव साह की 20 वर्षीया विवाहिता बेटी शिवानी बीते 23 मार्च को घर से अचानक लापता हो गई थी। पिता ने गांव के ही आधा दर्जन लोगों के खिलाफ अपनी बेटी के अपहरण का मामला दर्ज कराया था। पुलिस मामले की छानबीन कर ही रही थी कि  26 मार्च की सुबह नोनैति गांव स्थित सूरसर नदी किनारे प्लास्टिक के बोरे में बंधे जींस टॉप पहनी एक लड़की का शव बरामद हुआ। युवती का चेहरा तेजाब से झुलसा हुआ था। युवती का शव मिलने की सूचना पर पिता ने उसे अपनी बेटी के रूप में पहचान की। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव को राजीव साह के हवाले कर दिया। 


इधर, 27 मार्च की सुबह राजीव साह के दामाद ने अपनी पत्नी का शव होने से इनकार कर दिया। वहीं, अपहरण मामले में नामजद अभियुक्त अशोक मंडल ने एसपी को आवेदन देकर  राजीव साह के खिलाफ झूठे केस में फंसाने का आरोप लगाते हुए इंसाफ की गुहार लगायी। पुलिस ने शिवानी द्वारा अपने पिता को किए गए फोन काॅल की रिकार्डिग उसके सगे-संबंधियों को सुनाई और शिवानी की आवाज होने की पुष्टि की। बसनहीं थानाध्यक्ष संतोष कुमार निराला ने बताया कि शिवानी का अपहरण नहीं हुआ था। वह सिवान के किसी अमित गुप्ता के साथ भागकर शादी कर ली है, जल्द ही उसे बरामद कर पूरे मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।