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14-Jul-2021 07:05 PM
PATNA : इस वक्त एक बड़ी खबर राजधानी पटना से सामने आ रही है. बिहार सरकार ने बालू के अवैध खनन में मिलीभगत को लेकर आरा के एमवीआई विनोद कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. विनोद को 10 जुलाई को शोकॉज नोटिस देकर दो दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया था. मोटरयान निरीक्षक विनोद की ओर से जो स्पष्टीकरण दिया गया, सरकार ने उसे संतोषजनक नहीं पाया. आखिरकार सरकार ने विनोद के खिलाफ बड़ा एक्शन लेते हुए सस्पेंड कर दिया.
नीतीश सरकार की ओर से सस्पेंशन की अधिसूचना जारी कर दी गई है. विभाग की ओर से जारी पत्र संख्या 3954 के मुताबिक 9 जुलाई को गृह विभाग की विशेष शाखा द्वारा बताया गया कि 1 मई से बालू उत्खनन का काम बंद किये जाने के बावजूद भी कुछ जगहों पर अवैध बालू का उत्खनन और गैर कानूनी धंधा किया जा रहा था. आर्थिक अपराध इकाई ने इस मामले की जांच की.
आर्थिक अपराध इकाई के एडीजी ने भोजपुर जिले में तैनात एमवीआई विनोद को अवैध बालू उत्खनन में शामिल पाया. इसके ऊपर बालू के अवैध कारोबार में शामिल लोगों का साथ देने का आरोप लगा. इस मामले को लेकर विनोद से परिवहन विभाग ने पत्र (पत्रांक 3887) लिखकर आरोपी एमवीआई विनोद से दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण माँगा. जो जवाब इन्होने विभाग को सौंपा, सरकार उससे बिलकुल भी संतुष्ट नहीं हुई.
मोटरयान निरीक्षक विनोद की कार्यशैली में काफी चूक देखी गई. जिसके कारण इन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. फिलहाल इन्हें निलंबन अवधि में मधेपुरा जिला परिवहन कार्यालय में भेजा गया है. गौरतलब हो कि विनोद के अलावा बिहार सरकार ने बुधवार को भोजपुर के तेजतर्रार एसपी और पुलिस महकमे के काफी चर्चित अधिकारी राकेश दुबे का तबादला कर दिया. राकेश दुबे को पुलिस कप्तान के पद से हटाने के बाद आईपीएस विनय तिवारी को जिले का कमान सौंपा गया है.
आरा के एमवीआई के साथ-साथ पटना के एमवीआई कुमार विवेक और गया के एमवीआई मृत्युंजय कुमार सिंह पर भी गाज गिरी है. नीतीश सरकार ने कुमार विवेक और मृत्युंजय कुमार सिंह को पद से हटाकर संटिंग में डाल दिया है. इन दोनों को पदस्थापन की प्रतीक्षा में रखा गया है. फिलहाल ये दोनों अधिकारी पटना परिवहन विभाग के मुख्यालय में अपना योगदान देंगे.


