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27-Apr-2023 09:42 AM
By First Bihar
PATNA : ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष असादुदीन ओवैसी को बड़ी राहत मिली है। इनके ऊपर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में सुनवाई करते हुए पटना हाई कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने निचली अदालत ने उनके खिलाफ चल रही कार्रवाई पर रोक लगाने का साथ राज्य सरकार से जवाब भी तलब किया है। साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार को जवाबी हलफनामा दायर करने का आदेश दिया है। जस्टिस राजीव रॉय ने सांसद असदुद्दीन ओवैसी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगा दी।
दरअसल,ओवैसी वकील राजकुमार ने कोर्ट को बताया कि उड़नदस्ता दंडाधिकारी ने 22 अक्टूबर 2015 को पूर्णिया के बायसी थाना में प्राथमिकी दर्ज कर आरोप लगाया कि बगैर पूर्व अनुमति के असदुद्दीन ओवैसी लाउडस्पीकर से भीड़ जमा कर पार्टी उम्मीदवार के पक्ष में भाषण कर रहे थे। उनका कहना था कि जिस धारा में केस दर्ज की गई है निचली अदालत ने जिस धारा में संज्ञान लिया है, वह सही कानूनी रूप से सही नहीं है। जिसके बाद कोर्ट ने उनके दलील को फिलहाल मंजूर करते हुये निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगा दी है।
आपको बता दें कि, असदुद्दीन औवेसी बिहार की राजनीति में काफी सक्रिय हैं। बिहार के सीमांचल इलाके में अच्छी पकड़ बना रखी है। 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) पांच विधानसभा सीटें जीतने में जरूर सफल रही थी। इसके अलावा औवेसी के उम्मीदवार रिजल्ट को भी प्रभावित करते हैं। गोपालगंज विधानसभा उपचुनाव 2023 में भी राजद की हार का कारण औवेसी की पार्टी का उम्मीदवार ही बताया जा रहा है।