बिहार में साइकिल दुकान से भारी मात्रा में LPG सिलेंडर बरामद, कालाबाजारी के आरोप में एक गिरफ्तार बिहार में साइकिल दुकान से भारी मात्रा में LPG सिलेंडर बरामद, कालाबाजारी के आरोप में एक गिरफ्तार ‘दीदी, मुझे डर लग रहा है… दो लड़के पीछा कर रहे हैं’, आखरी कॉल के बाद गायब हो गई पटना की छात्रा Bihar News: जाली नोट गिरोह का भांडाफोड़: दो आरोपी गिरफ्तार, 100-100 रुपए के इतने नोट बरामद Bihar Crime News: झोपड़ी में सो रहे युवक की गोली मारकर हत्या, पुराने विवाद में मर्डर की आशंका Bihar Crime News: झोपड़ी में सो रहे युवक की गोली मारकर हत्या, पुराने विवाद में मर्डर की आशंका करगिल में ड्यूटी के दौरान पश्चिम चंपारण का ‘अग्निवीर’ मनीष शहीद, गांव में शोक की लहर गैस किल्लत की चर्चा के बीच मुंगेर में बढ़ी इंडक्शन चूल्हों की मांग, दुकानों पर उमड़ रहे ग्राहक गर्मी बढ़ने के साथ बिहार में अगलगी की घटनाएं बढ़ीं, ट्रांसफार्मर में लगी भीषण आग; ऐसे टला बड़ा हादसा गर्मी बढ़ने के साथ बिहार में अगलगी की घटनाएं बढ़ीं, ट्रांसफार्मर में लगी भीषण आग; ऐसे टला बड़ा हादसा
01-Aug-2020 02:06 PM
DESK : सेना या सुरक्षा बलों पर आधारित फिल्म या वेब- सीरीज बनाने से पहले अब रक्षा मंत्रालय से मंजूरी लेनी होगी. ये फैसला रक्षा मंत्रालय ने ऑल्ट बालाजी के हालिया वेब-सीरीज में सेना और सैनिकों की इमेज को तोड़-मरोड़ कर दर्शकों के सामने पेश करने के कारण लिया है.
इस बारे में मंत्रालय ने फिल्म सेंसर बोर्ड और सूचना और प्रसारण मंत्रालय को पत्र लिखकर आपत्ति भी जताई है. रक्षा मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी, सुदर्शन कुमार ने मुंबई स्थित सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) के रीजनल-ऑफिसर को पत्र लिखा है कि किसी भी फिल्म या वेब-सीरिज को दर्शकों के सामने पेश करने से पहले रक्षा मंत्रालय से एनओसी यानी 'नो ओबजेक्शन सर्टिफिकेट' लेना होगा.
यह फैसला हाल ही में रिलीज़ हुई ऑल्ट-बालाजी की वेब सीरिज 'ट्रिपल एक्स-अनसेंसर्ड' में सेना से जुड़े आपत्तिजनक सीन दिखाए जाने के बाद लिया गया. इस वेब सीरिज में सैनिकों सहित मिलिट्री-यूनिफार्म को अपमानजनक तरीके से पेश किया गया था, जो हकीकत से कोसों दूर थे. इस सीरिज को लेकर सेना और सैनिकों में खासा रोष था. यहां तक की ऑल्ट-बालाजी के खिलाफ पूर्व फौजियों के संगठनों ने एफआईआर तक दर्ज कराई थी. विवाद बढ़ने पर बालाजी फिल्म की मालकिन, एकता कपूर ने सार्वजनिक रूप से इस सीरीज के लिए माफी मांगी थी और उस एपिसोड को प्लेटफॉर्म से हटा भी दिया था.
लेकिन भविष्य में इस तरह की फिल्मे या वेब सीरीज ना बने इसके लिए रक्षा मंत्रालय ने यह कदम उठाया है. मंत्रालय द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है कि सीबीएफसी यानी सेंसर बोर्ड को इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि इस तरह की फिल्मों या वेब-सीरीज में डिफेंस फोर्सेज़ (यानी थलसेना, वायुसेना और नौसेना) की छवि को खराब ना करें और ना ही उनकी भावनांओं को ठेस पहुंचाये.
बरहाल, इससे पहले भी इस तरह के मामले सामने आते रहे हैं जब फिल्म में सैनिकों की वर्दी पर गलत बैज या स्टार दिखाई पड़ते थे, लेकिन सेना द्वारा इस तरह की गलतियों को नजरंदाज कर दिया जाता था. पर इस बार वेब सीरीज के निर्माताओं ने साडी हदें पर कर दी थी.