Bihar crime news : 7 वर्षीय ऋषिकेश हत्याकांड का खुलासा, मां से एकतरफा प्यार में पागल पड़ोसी ने की निर्मम हत्या Bihar Politics : बिहार में कैसे शुरू हुई थी जनता के खातों में सीधे पैसा भेजने की व्यवस्था? अतीत की बहस से आज की सियासत तक; पढ़ें यह महत्वपूर्ण बातें LPG Cylinder New Rule: कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर रोक, घरेलू सिलेंडर पर सख्ती; शादी वाले घरों में बढ़ी परेशानी BIHAR NEWS : अब सुधा बूथों पर मिलेगा इस तरह का दूध, मटन खरीदने के लिए इस जगह लगेगी दूकान; सरकार बना रही बड़ा प्लान Nitish Kumar : समृद्धि यात्रा के तीसरे चरण में इस जिले में पहुंचेंगे CM नीतीश कुमार, 570 करोड़ की 213 योजनाओं की देंगे सौगात Rajyasabha Election: किंगमेकर ओवैसी ने नहीं खोले पत्ते, RJD उम्मीदवार पर खतरा Bihar Politics : ओवैसी की ‘वेट एंड वॉच’ रणनीति, पांचवीं सीट पर बढ़ा सस्पेंस; दिल्ली में तैयार रणनीति से बढ़ सकती है तेजस्वी की टेंशन Bihar Politics: निशांत के लिए बदल दी नीति! 2009 उपचुनाव में JDU नेता, मंत्री और विधायक-सांसदों के लिए बने नियम की अचानक क्यों होने लगी चर्चा? जानिए नीतीश कुमार ने क्या कहा था Patna Metro : पटना मेट्रो को मिली बड़ी राहत, राजेंद्र नगर टर्मिनल के नीचे टनल बनाने की मिली मंजूरी; इस दिन से शुरू होगा काम बिहार मौसम अपडेट: 34.3°C पहुंचा तापमान, 12 जिलों में बारिश की संभावना, अररिया और किशनगंज में येलो अलर्ट
20-Apr-2024 12:56 PM
By First Bihar
BHAGALPUR : लोकसभा चुनाव को लेकर जहां एनडीए ने काफी पहले अपने सभी 40 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है, वहीं महागठबंधन में अभी भी तस्वीर साफ नहीं हो पाई है। इसमें सबसे बुरा हाल कांग्रेस का है। कांगेस पार्टी को यह समझ में नहीं आ रहा है कि उसकी डूबती हुई नैया का पतवार कौन होगा। पतवार की तलाश में बिहार कांग्रेस अध्यक्ष लगातार दिल्ली का दौरा कर रहे हैं। बाबजूद इनको कोई पतवार (कैंडिडेट) नहीं मिल रहा है। आलम यह है कि बिना कैंडिडेट तय किए हुए राहुल गांधी की सभाएं भी करवाई जा रही है और यहां भी कांग्रेस का झंडा न के बराबर नजर आता है। यहां भी राजद के समर्थकों की ही भीड़ नजर आती है। ऐसे में अब यह तो तय माना जा रहा है कि बिना कैंडिडेट तय किए राहुल कितनी भी सभाएं कर लें, उन्हें फायदा वाला नहीं है।
दरअसल, बिहार में कुल 9 सीटों पर लड़ने वाली कांग्रेस पहले चरण का मतदान और दूसरे और तीसरे चरण के लिए नामांकन दाखिल करने का समय खत्म होने के बाद भी छह सीटों पर कैंडिडेट नहीं मिल रहा है। आलम यह है कि इन सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए कोई भी नेता कांग्रेस पार्टी में अपनी दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है। लिहाजा नामों की लिस्ट फाइनल हो नहीं हो पा रही है। इसके बाद जब कांग्रेस के बिहार अध्यक्ष को दिल्ली तलब किया जाता है तो उनके पास भी जवाब नहीं होता। इसके बाद जब बैठक होती है तो वहां भी इस मामले में काफी चर्चा होने के बाद भी कोई निदान नजर नहीं आता है।
वहीं, कैंडिडेट तय नहीं होने के बाद भी राहुल गांधी बिहार आकर चुनावी जनसभाओं को संबोधित कर रहे हैं और खुद की पार्टी के मंसूबों को लोगों के बीच रख रहे हैं। लेकिन, जनता इनसे अधिक इनके ही सहयोगी की बातों में अधिक रुचि ले रही है और कांग्रेस की रैली होने के बाद भी इनके सहयोगियों के कार्यकर्त्ता, समर्थक और झंडे दिखते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि इस गठबंधन में नए -नए शामिल हुए नेताओं के समर्थकों की संख्या कांग्रेस से कहीं अधिक नजर आ रही है। जबकि यहां से कांग्रेस का ही विधायक होने के बाबजूद पार्टी का यह हाल है। इतना ही नहीं, जब यहां के कैंडिडेट इस जनसभा को संबोधित करने मंच पर पहुंचे तो राहुल गांधी सभा से निकलकर बाहर चले गए।
मालूम हो कि महागठबंधन में सीट बंटवारे के फॉर्मूले के तहत कांग्रेस को 9 सीटें मिली हैं। जिसमें किशनगंज, कटिहार, भागलपुर, मुजफ्फरपुर समस्तीपुर, पश्चिमी चंपारण, पटना साहिब, सासाराम और महाराजगंज की सीट शामिल है। दूसरे चरण के मतदान के लिए नामांकन की प्रक्रिया खत्म हो चुकी है। लेकिन कांग्रेस ने अबतक मात्र तीन लोकसभा क्षेत्र के लिए अपने प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की है। किशनगंज से सांसद मो जावेद, कटिहार से तारिक अनवर और भागलपुर से अजित शर्मा को टिकट मिला है। बाकी बची 6 सीटों पर अभी भी प्रत्याशी का नाम तय नहीं हो पाए हैं।