ब्रेकिंग न्यूज़

Nursing admission scam : "ससुराल में रहो, पढ़-लिखकर क्या करोगी?" नर्सिंग एडमिशन के नाम पर 70 हजार की ठगी, मास्टरमाइंड गिरफ्तार; जानिए फिर भी क्यों पुलिस पर उठे सवाल Bihar Crime News : बिहार में बेखौफ बदमाशों का तांडव, ई-रिक्शा चालक और डिलीवरी बॉय को मारा चाकू, लूट की घटना को दिया अंजाम Panchayat Secretary Scam : बिहार पंचायत सचिव का बड़ा कारनामा, डकार गए 1 करोड़ से अधिक की सरकारी राशि; FIR दर्ज Bihar expressway : बिहार के इस जिले से गुजरेंगे तीन बड़े एक्सप्रेसवे, रेल कनेक्टिविटी से मिलेगा आर्थिक बल Bihar new rail line : बिहार के इस क्षेत्र को मिलेगी नई रेल लाइन, जल्द धरातल पर उतरेगा बड़ा प्रोजेक्ट Bihar cyber crime : बिहार में साइबर अपराध पर सख्ती, बनेगी मल्टी-डिपार्टमेंट स्पेशल टीम Bihar education department : बिहार शिक्षा विभाग की बड़ी पहल: शिक्षकों की शिकायतें होंगी चुटकियों में हल, यह सुविधा भी पूरी तरह डिजिटल Patna municipal corporation : पटना में रोशनी और पानी पर बड़ा फैसला, इन चीजों को मिली मंजूरी; अब दिखेगा बदला -बदला नजारा Bihar teacher : संभल जाएं सरकारी शिक्षक: इस जगह नहीं बनाई हाजिरी तो नहीं मिलेगा मासिक वेतन, विभाग ने जारी किया आदेश Bihar Pink Bus Scheme : बिहार में महिलाओं के हाथों पिंक बसों की कमान, तीन जिलों में खुलेंगे नए आईडीटीआर केंद्र

आज दिया जाएगा सूर्य को संध्या अर्घ्य, जानिए अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के नियम

आज दिया जाएगा सूर्य को संध्या अर्घ्य, जानिए अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के नियम

19-Nov-2023 05:09 AM

By First Bihar

PATNA : लोकआस्था के महापर्व छठ की शुरुआत हो चुकी है और चारों ओर छठ पर्व की धूम देखने को मिल रही है। घर-घर छठी मईया के गीत बज रहे हैं और चूल्हे में ठेकुआ प्रसाद तैयार हो रहा है। 


इस चार दिवसीय छठ पर्व की रोनक ऐसी होती है, जिसमें केवल घर-परिवार के लोग ही नहीं बल्कि आस-पड़ोस के लोग भी रम जाते हैं। छठ पर्व की शुरुआत 17 नवंबर से हो चुकी है और 20 नवंबर को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के बाद छठ पूजा संपन्न हो जाएगा।


मालुम हो कि, उगते हुए सूर्य को तो अन्य दिनों में भी अर्घ्य दिया जाता है, लेकिन छठ एकमात्र ऐसा पर्व है, जिसमें डूबते हुए सूर्य को भी अर्घ्य देने की परंपरा है। यह इस बात का संदेश देता है कि, अस्त के बाद उदय जरूर होता है।


वहीं , इसके पीछे एक मान्यता यह भी है, जिसके अनुसार सूर्य जब अस्त होते हैं तो वह अपनी दूसरी पत्नी प्रत्यूषा (सूर्य की अंतिम किरण) के साथ रहते हैं, जिन्हें अर्घ्य देने से मनोवांछित फल मिलता है। 


उधर, 20 नवंबर 2023 को कार्तिक शुक्ल सप्तमी के दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इसे ऊषा अर्घ्य या उदीयमान सूर्य अर्घ्य कहा जाता है। इस तरह इन दोनों दिनों में अर्घ्य देने के बाद ही छठ व्रत संपन्न होता है। लेकिन इस बात का विशेष ध्यान रखें कि, छठ पूजा में सूर्य देव को अर्घ्य समय पर दें।