ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar Crime News: फायरिंग मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन, छह लोगों को किया गिरफ्तार; पिस्टल और गोलियां बरामद Bihar Crime News: फायरिंग मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन, छह लोगों को किया गिरफ्तार; पिस्टल और गोलियां बरामद Bihar News: राज्यसभा की पांचों सीट पर NDA प्रत्याशी जीते, जेडीयू महासचिव बोले– नीतीश कुमार के नेतृत्व की जीत सरकारी भवनों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने राज्य में 10 उड़नदस्ता टीमें गठित, विशेष जांच अभियान ‘राज्यसभा चुनाव में BJP ने की विधायकों की खरीद-फरोख्त’, मुकेश सहनी का बड़ा आरोप ‘राज्यसभा चुनाव में BJP ने की विधायकों की खरीद-फरोख्त’, मुकेश सहनी का बड़ा आरोप Bihar Ips Officer: बिहार के 2 आईपीएस अधिकारियों की CBI में हुई नियुक्ति...बनाए गए SP, सरकार ने किया विरमित बिहार में पैक्स और एफपीओ को उद्यमी के रूप में किया जाएगा विकसित, ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर बिहार में पैक्स और एफपीओ को उद्यमी के रूप में किया जाएगा विकसित, ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर चिराग पासवान की इफ्तार पार्टी में शामिल हुए CM नीतीश, राज्यसभा चुनाव जीतने के बाद पहुंचे पार्टी कार्यालय

Home / news / 15 लाख की उम्मीद में खुलवाए बैंक खाते, अब पैसे का लेन देन...

15 लाख की उम्मीद में खुलवाए बैंक खाते, अब पैसे का लेन देन नहीं होने से खाता भी हो गया बंद

10-Jul-2019 09:22 AM

By 3

PATNA : 2014 के लोकसभा चुनाव में जनता से किया वादा बीजेपी भले ही भूल गई हो लेकिन लोग अभी भी बैंक खातों का पासबुक लिए बीजेपी का चुनावी वादा याद करते हैं। 2014 में बीजेपी ने वादा किया था कि अगर उनकी सरकार बनी तो गरीबों के बैंक अकाउंट में बड़ी राशि जमा करा दी जाएगी। चुनाव में जीत के बाद सरकार बनी तो जन-धन योजना के तहत गरीबों का बैंक खाता खुलवाया गया। बैंक खातों में रकम तो नहीं आयी अलबत्ता बीजेपी ने वादे को चुनावी जुमला जरूर बता दिया। प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत बिहार में भी बड़ी तादाद में बैंक अकाउंट खोले गए थे। लेकिन अब ट्रांजैक्शन नहीं होने के कारण इनमें से लाखों बैंक खाते बंद हो गए हैं। बैंकिंग सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बिहार में जनधन योजना के तहत खोले गए 60 लाख से ज्यादा बैंक अकाउंट बंद हो गए हैं। आंकड़े बताते हैं कि बिहार में कुल 62 लाख 76 हजार जन-धन अकाउंट बंद पड़े हैं। सूबे में जन-धन योजना के तहत 4 करोड़ से ज्यादा बैंक अकाउंट खोले गए थे जिनमें से 3 करोड़ 63 लाख बैंक खाते एक्टिव हैं। जो बैंक खाते बंद हुए हैं उनके पीछे लोगों के पास बैंकिंग ट्रांजैक्शन करने के लिए पैसे का नहीं रहना अहम कारण बताया जा रहा है।