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01-Jun-2020 11:59 AM
DESK : 11 साल का बच्चा और सामने घायल पिता और मां को घर पहुंचाने की जिम्मेदारी. घर भी 550 किलोमीटर दूर, जहां से आने के लिए किसी भी इंसान को सोचना पड़े. लेकिन 11 साल के बच्चे ने हार नहीं मानी और ठेले से मां-पिता को लेकर 550 किलोमीटर की सफर पर निकल पड़ा. नौ दिन का सफर तय करने के बाद 11 साल के तबारक ने आखिरकार अपने मां-पिता को अररिया के जोकीहाट ले आया. इस दौरान उसने कई रातें पेट्रोल पंप भी भी गुजारी.
11 साल के बच्चे मोहम्मद तबारक ने बताया कि उनके पिता मोहम्मद इसराफिल बनारस में ही रहकर ठेला चलाने और मजदूरी करके परिवार चलाने का काम करते थे. लॉकडाउन के पहले मजदूरी करने के दौरान ही उनके पैर पर एक पत्थर गिर गया था और वे घायल हो गए थे. जिसके बाद तबारक अपनी मां के साथ अपने पिता से मिलने बनारस गय था. इसी दौरान लॉकडाउन लग गया और तबारक अपनी मां के साथ वहीं फंस गया.
लेकिन जब खाने-पीने के लाले पड़ गए तो 11 साल का तबारक ने अपने बिमार पिता और मां को ठेले पर बिठाया और घर की ओर चल पड़ा. रास्ते में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और 9 दिन में अपने घर पहुंच गया. अभी उसे परिवार समेत उदा हाई स्कूल में क्वारंटाइन कर दिया गया है.
DESK : 11 साल का बच्चा और सामने घायल पिता और मां को घर पहुंचाने की जिम्मेदारी. घर भी 550 किलोमीटर दूर, जहां से आने के लिए किसी भी इंसान को सोचना पड़े. लेकिन 11 साल के बच्चे ने हार नहीं मानी और ठेले से मां-पिता को लेकर 550 किलोमीटर की सफर पर निकल पड़ा. नौ दिन का सफर तय करने के बाद 11 साल के तबारक ने आखिरकार अपने मां-पिता को अररिया के जोकीहाट ले आया. इस दौरान उसने कई रातें पेट्रोल पंप भी भी गुजारी.
11 साल के बच्चे मोहम्मद तबारक ने बताया कि उनके पिता मोहम्मद इसराफिल बनारस में ही रहकर ठेला चलाने और मजदूरी करके परिवार चलाने का काम करते थे. लॉकडाउन के पहले मजदूरी करने के दौरान ही उनके पैर पर एक पत्थर गिर गया था और वे घायल हो गए थे. जिसके बाद तबारक अपनी मां के साथ अपने पिता से मिलने बनारस गय था. इसी दौरान लॉकडाउन लग गया और तबारक अपनी मां के साथ वहीं फंस गया.
लेकिन जब खाने-पीने के लाले पड़ गए तो 11 साल का तबारक ने अपने बिमार पिता और मां को ठेले पर बिठाया और घर की ओर चल पड़ा. रास्ते में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और 9 दिन में अपने घर पहुंच गया. अभी उसे परिवार समेत उदा हाई स्कूल में क्वारंटाइन कर दिया गया है.