Patna Medical College : PMCH में शिफ्टिंग की तारीख तय, फरवरी के इस डेट से नए भवन में शिफ्ट हो जाएंगे यह दो विभाग मुंगेर में रिश्तों का कत्ल: 13 वर्षीय छात्र की गला दबाकर हत्या, मुंहबोले दादा पर घर के चिराग को बुझाने का आरोप Indian Railway new rules : यदि दोस्तों के साथ जाना चाह रहे गोवा- मनाली या परिवार के वैष्णों देवी; तो जरूर पढ़ लें यह खबर, रेलवे ने नियमों में किया बड़ा बदलाव Bihar land registry : बिहार में इस महीने से बदल रहे जमीन रजिस्ट्री के नियम, सरकार का निर्णय; इन लोगों को होगा बड़ा फायदा Bihar politics : अपराधियों का राजनीति में आना दुर्भाग्य, बोले BJP विधायक – पप्पू यादव को जेल में ही रहना चाहिए Patna Metro : होली बाद शुरू होगा इन दो स्टेशनों के बीच सफर, इस महीने के अंतिम सप्ताह तक जांच के लिए दिल्ली से आएगी टीम rape murder news : बिहार में 6 साल की बच्ची से दरिंदगी, खून से लथपथ मिली लाश; ग्रामीणों में आक्रोश Nursing admission scam : "ससुराल में रहो, पढ़-लिखकर क्या करोगी?" नर्सिंग एडमिशन के नाम पर 70 हजार की ठगी, मास्टरमाइंड गिरफ्तार; जानिए फिर भी क्यों पुलिस पर उठे सवाल Bihar Crime News : बिहार में बेखौफ बदमाशों का तांडव, ई-रिक्शा चालक और डिलीवरी बॉय को मारा चाकू, लूट की घटना को दिया अंजाम Panchayat Secretary Scam : बिहार पंचायत सचिव का बड़ा कारनामा, डकार गए 1 करोड़ से अधिक की सरकारी राशि; FIR दर्ज
30-Aug-2025 09:35 AM
By First Bihar
Bihar News: बिहार अब बॉलीवुड और क्षेत्रीय सिनेमा के लिए एक आकर्षक जगह बनता जा रहा है, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नई फिल्म नीति ने फिल्मकारों को लुभाना शुरू कर दिया है। हाल ही में राज्य सरकार ने 25 फिल्मों की शूटिंग की अनुमति दी है, जो भोजपुरी, हिंदी, मैथिली, मगही और अंग्रेजी जैसी भाषाओं में बन रही हैं। यह नीति 2024 में लागू हुई थी और फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए 4 करोड़ रुपये तक का अनुदान देती है, शर्त यह है कि 75% शूटिंग बिहार में हो। इससे न केवल स्थानीय संस्कृति परदे पर चमकेगी बल्कि पर्यटन और रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे। नालंदा, गया, दरभंगा और वैशाली जैसे जिलों में फिल्मों की शूटिंग हो रही है और इससे अब बिहार की धरोहर दुनिया तक पहुंचेगी।
इन 25 फिल्मों में संघतिया, द लांग जर्नी होम, बिहार का जलवा, सुहागिन के सेनूर, लाइफ लीला, जिनगी बीतवनी तोहरे प्यार में, घर का बंटवारा, नारी, रजनी की बारात, ओह माय डॉग, टिया, सुगनी, छठ, पेन ब्रश, बिहान, अनमोल घड़ी, बंटवारा, अंबे है मेरी मां, बेटी बनल विजेता, अखंड भेदम, बिहारी भौजी, वृहस्पति व्रत कथा, जय मइया शारदा भवानी, जिहादी एक प्रेम कथा और मइया थावे वाली शामिल हैं। इनमें से कई भोजपुरी हैं, लेकिन हिंदी और अंग्रेजी फिल्में भी लिस्ट में शामिल हैं। नीति के तहत क्षेत्रीय भाषाओं वाली फिल्मों को 50% अनुदान मिलता है, जबकि हिंदी या अंग्रेजी के लिए 25%। इससे पहले 14-15 फिल्मों को मंजूरी मिल चुकी थी, लेकिन अब कुल 25 फिल्मों पर हरी झंडी ने गति पकड़ ली है।
बिहार की यह नीति अन्य राज्यों से बेहतर है, जहां सिंगल विंडो क्लियरेंस और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। वाल्मीकिनगर में बड़ा सेट बन रहा है और पटना में पंकज त्रिपाठी की 'ओह माय डॉग' पूरी हो चुकी है। राज्य का पहला स्थायी फिल्म सेट और निजी स्टूडियो भी तैयार हो रहे हैं जो फिल्मकारों को सुविधा देंगे। इसके अलावा NIFT पटना के साथ ट्रेनिंग प्रोग्राम चल रहे हैं ताकि स्थानीय युवा इंडस्ट्री में कदम रख सकें।
यह नीति बिहार को टेक्सटाइल हब की तरह सिनेमा हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। इससे पर्यटन भी बढ़ेगा क्योंकि कई फिल्में नालंदा की प्राचीनता और गंगा के किनारे के गांवों को दिखाएंगी। रोजगार के मोर्चे पर, होटल, ट्रांसपोर्ट और क्रू मेंबर्स को फायदा हो रहा है। सरकार डॉक्यूमेंट्री फेस्टिवल की तैयारी कर रही है जो आने वाले समय में बिहार के सिनेमा सफर को नई ऊंचाई देगा।