बाढ़ में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम में खाली रह गई कुर्सियां, प्रचार-प्रसार को लेकर प्रशासन पर उठ रहे सवाल UCC पर डॉ प्रेम कुमार का बड़ा बयान, बोले- ‘एक देश, एक कानून’ पूरे भारत में लागू हो मंत्री अशोक चौधरी बने असिस्टेंट प्रोफेसर, पटना के एएन कॉलेज में ली पहली क्लास मुंगेर के स्कूल में बड़ी चोरी: ताले तोड़कर लाखों की संपत्ति को पहुंचाया नुकसान, निर्माण सामग्री भी किया गायब मुजफ्फरपुर में रामनवमी को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: चप्पे-चप्पे पर रहेगी पुलिस की नजर, ड्रोन और CCTV से होगी निगरानी पटना लूट कांड का खुलासा: 20 लाख लूट मामले में एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी हाजीपुर में निगरानी की बड़ी कार्रवाई, 50 हजार घूस लेते खनन विभाग के दो कर्मचारी रंगेहाथ गिरफ्तार पटना में रामनवमी पर हाई अलर्ट, महावीर मंदिर समेत प्रमुख स्थलों पर कड़ी सुरक्षा के प्रबंध BIHAR: गांव के दबंगों ने दलित युवक को बेरहमी से पीटा, पुलिस से लगाई न्याय की गुहार Bihar News: गंगा में नहाने गए चार दोस्त… अचानक गहराई में समाए, दो की दर्दनाक मौत से गांव में मचा कोहराम
17-Feb-2025 02:38 PM
By KHUSHBOO GUPTA
FIR Against Amitabh Bachchan's Son-in-Law: बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन के दामाद कानूनी पचड़ों में फंस गये हैं। निखिल नंदा और अन्य अधिकारियों पर बदायूं के एक ट्रैक्टर एजेंसी मालिक को सुसाइड के लिए उकसाने का आरोप है। पुलिस ने अदालत के आदेश के बाद केस दर्ज किया है और मामले की जांच जारी है। अमिताभ बच्चन और जया बच्चन के दामाद निखिल नंदा, एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड (पूर्व में एस्कॉर्ट्स लिमिटेड) के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक (CMD) हैं। हाल ही में, निखिल नंदा और कंपनी के कई अन्य अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है।
निखिल नंदा के साथ-साथ आशीष बालियान (एरिया मैनेजर), सुमित राघव (सेल्स मैनेजर), दिनेश पंत (यूपी हेड), पंकज भास्कर (फाइनेंसर कलेक्शन ऑफिसर), अमित पंत (सेल्स मैनेजर), नीरज मेहरा (सेल्स हेड) और शिशंत गुप्ता (शाहजहांपुर डीलर) के खिलाफ भी शिकायत दर्ज की गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इन पर जितेंद्र सिंह नामक एक ट्रैक्टर एजेंसी के मालिक पर बिक्री लक्ष्य पूरा करने के लिए दबाव डालने का आरोप है। आरोप है कि कंपनी के अधिकारियों ने जितेंद्र को डीलरशिप लाइसेंस रद्द करने और संपत्ति नीलाम करने की धमकी दी, जिससे तंग आकर उन्होंने आत्महत्या कर ली।
जिसके बाद पीड़ित के भाई ज्ञानेंद्र सिंह ने शिकायत दर्ज कराई है। जिसमें आरोप लगाया गया कि उनके भाई, जो अपने साथी के जेल जाने के बाद अकेले एजेंसी चला रहे थे, कंपनी के दबाव से परेशान थे। आरोप है कि कंपनी के अधिकारियों ने 21 नवंबर, 2024 को जितेंद्र सिंह के घर का दौरा किया था, और अगले ही दिन, 22 नवंबर को उन्होंने आत्महत्या कर ली।जितेंद्र के परिवार का आरोप है कि पुलिस ने शुरू में शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की, लेकिन अदालत के निर्देश के बाद हस्तक्षेप किया।जितेंद्र के पिता, शिव सिंह ने कंपनी पर अपने बेटे के असामयिक मृत्यु का आरोप लगाया है।