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03-Dec-2025 05:26 PM
By FIRST BIHAR
Teacher News: पश्चिम बंगाल के करीब 32,000 प्राथमिक विद्यालय शिक्षकों को बुधवार को बड़ी राहत मिली है। कलकत्ता हाई कोर्ट की एक खंडपीठ ने एकल पीठ के उस फैसले को खारिज कर दिया है, जिसमें इन सभी शिक्षकों की नियुक्तियों को रद्द कर दिया गया था। कोर्ट के ताज़ा आदेश के बाद इन शिक्षकों की नौकरी पर छाया खतरा पूरी तरह टल गया है।
दरअसल, ये नियुक्तियां वर्ष 2014 की शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के माध्यम से हुई थीं। जस्टिस तपोब्रत चक्रवर्ती की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि वह एकल पीठ के आदेश को बरकरार रखने के लिए इच्छुक नहीं है, क्योंकि सभी नियुक्तियों में अनियमितता साबित नहीं हुई है। अदालत के अनुसार, नौ साल बाद इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों की नौकरी समाप्त करने से उनके जीवन और परिवारों पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
सीबीआई, जिसे हाई कोर्ट ने मामले की जांच का निर्देश दिया था, ने अपनी जांच में शुरुआती तौर पर 264 नियुक्तियों में अनियमितता पाई थी। बाद में 96 और शिक्षकों के नाम जांच दायरे में आए। कोर्ट ने कहा कि सीमित स्तर पर मिली अनियमितताओं के आधार पर पूरी चयन प्रक्रिया को रद्द नहीं किया जा सकता।
बता दें कि तत्कालीन न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय की एकल पीठ ने 12 मई 2023 को 32,000 प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्तियों को अमान्य ठहराते हुए उन्हें रद्द कर दिया था। नए फैसले के बाद इन सभी शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है और राज्य में प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था में स्थिरता आने की उम्मीद है।