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21-Jan-2026 02:18 PM
By First Bihar
DESK: कर्मचारियों का भविष्य निधि (पीएफ) जमा नहीं करने वाली कंपनियों पर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने सख्ती करने की तैयारी कर ली है। कर्मचारियों का पीएफ जमा न करने से जुड़े 17 मामले सामने आए हैं। इनकी जांच के लिए सीएआईयू से अनुमति मांगी गई है और आदेश मिलते ही जांच प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
बता दें कि गुरुग्राम जिले में 30 से अधिक कंपनियों द्वारा कर्मचारियों के पीएफ अंशदान को ईपीएफओ में जमा नहीं कराया गया है। ऐसे मामलों की अब जल्द जांच की जाएगी। नए नियमों के तहत ईपीएफओ सीधे कंपनियों की जांच नहीं कर सकता। इसके लिए पहले मामला तैयार कर उच्च अधिकारियों से अनुमति लेनी होती है। इसी क्रम में ईपीएफओ ने सेंट्रल एनालिसिस इंटेलिजेंस यूनिट (सीएआईयू) से निरीक्षण की अनुमति मांगी है। अनुमति मिलने के बाद संबंधित कंपनियों में जांच शुरू की जाएगी।
गुरुग्राम में करीब 13 हजार उद्योग पंजीकृत हैं, जबकि सैकड़ों कंपनियां बिना पंजीकरण के संचालित हो रही हैं। इन कंपनियों में हजारों कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से कई कर्मचारियों ने पीएफ जमा न होने की शिकायत ईपीएफओ में दर्ज कराई है। ईपीएफओ ने डिफॉल्टर कंपनियों को ‘ए’ और ‘बी’ श्रेणी में बांटकर प्राथमिकता के आधार पर जांच करने की योजना बनाई है। इससे न केवल नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर कार्रवाई होगी, बल्कि पीएफ राशि की रिकवरी भी बढ़ेगी।
कानून के अनुसार, नियोक्ता को हर महीने निर्धारित समय सीमा (आमतौर पर 15 तारीख तक) कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का पीएफ अंश ईपीएफओ में जमा करना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर ईपीएफओ 12 प्रतिशत तक ब्याज वसूल सकता है और नियोक्ता को नोटिस जारी कर जवाब भी तलब किया जा सकता है। ईपीएफओ के क्षेत्रीय आयुक्त नीलेन्दु मिश्रा ने बताया कि कर्मचारियों का पीएफ जमा न करने से जुड़े 17 मामले सामने आए हैं। इनकी जांच के लिए सीएआईयू से अनुमति मांगी गई है और आदेश मिलते ही जांच प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।