ममता बनर्जी ने आदिवासी समुदाय और राष्ट्र के सर्वोच्च पद का किया अपमान, सम्राट चौधरी ने इसे बताया बेहद शर्मनाक! किसान के बेटे शिवराज ने UPSC में हासिल की सफलता, चौथे प्रयास में 496वीं रैंक, बनमनखी के सौरभ रंजन को 567वां स्थान नेपाल चुनाव में बालेन शाह की शानदार जीत, भारत विरोधी केपी ओली शर्मा की हार बिहार में ओवैसी के विधायक को धमकी, बदमाशों ने मांगी 5 लाख की रंगदारी; कनाडा से आया व्हाट्सएप कॉल बिहार में ओवैसी के विधायक को धमकी, बदमाशों ने मांगी 5 लाख की रंगदारी; कनाडा से आया व्हाट्सएप कॉल नीतीश कुमार की मीटिंग में गए पूर्व विधायक, पीछे से चोरों ने घर कर दिया साफ; कैश-गहने और जरूरी कागजात गायब बिहार के ‘सिल्क सिटी’ पर अमेरिका-ईरान तनाव का व्यापक असर, 25 करोड़ का ऑर्डर रद्द; बुनकरों के सामने गहराया संकट बिहार के ‘सिल्क सिटी’ पर अमेरिका-ईरान तनाव का व्यापक असर, 25 करोड़ का ऑर्डर रद्द; बुनकरों के सामने गहराया संकट बिहार में करोड़ों की ठगी का भंडाफोड़: इन्वेस्टमेंट के नाम पर 20 करोड़ ऐंठे, गिरोह का सरगना गिरफ्तार यहां बनेगा बिहार का दूसरा चिड़ियाघर, परियोजना को मिली सैद्धांतिक मंजूरी; जल्द शुरू होगा काम
06-Dec-2025 07:24 PM
By First Bihar
DESK: मस्जिद में लाउडस्पीकर लगाने की अनुमति देने से बॉम्बे हाई कोर्ट ने इनकार कर दिया। कहा कि किसी भी धर्म में इस बात का जिक्र कहीं भी नहीं किया गया है कि कोई प्रार्थना ऊंची आवाज वाले यंत्र लगाकर ही की जाए। किसी भी रूप में इसे मौलिक अधिकार नहीं माना जा सकता।
ऐसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए न्यायमूर्ति अनिल पंसारे और राज वकोड़े की पीठ ने कहा कि कोई भी धर्म यह नहीं कहता कि प्रार्थना में लाउड स्पीकर और ढोल नगाड़ों का ही इस्तेमाल हो। मस्जिद में लाउडस्पीकर लगाने की अनुमति देने की याचिका को बॉम्बे कोर्ट ने आज खारिज कर दिया। कोर्ट ने बताया कि लाउडस्पीकर धार्मिक प्रार्थना के लिए अनिवार्य है यह बात याचिकाकर्ता साबित नहीं कर सका। इसलिए इस याचिका को खारिज कर दिया गया।
दरअसल महाराष्ट्र के जिला गोंदिया में मस्जिद गौसिया ने नमाज के लिए लाउडस्पीकर लगाने की अनुमति की मांग करते हुए एक याचिका दायर की थी। इस याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया। बॉम्बे हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते प्रार्थना दूसरों की शांति को भंग करके किया जाए यह कोई भी धर्म नहीं कहता है। आम नागरिकों को शांत वातावरण में रहने का अधिकार है। ध्वनि प्रदूषण से छोटे-छोटे बच्चों और बीमार लोगों को भारी परेशानी होती है। इससे हार्ट अटैक, चिड़चिड़ापन, थकान, सिरदर्द और ब्लड प्रेशर की समस्या आ सकती है।