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15-Nov-2025 07:40 AM
By First Bihar
जन सुराज पार्टी के लिए शुक्रवार (14 नवंबर 2025) को बड़ी और दुखद खबर सामने आई। तरारी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी चंद्रशेखर सिंह का हार्ट अटैक से निधन हो गया। यह घटना उसी दिन हुई जब तरारी सीट समेत बिहार में चुनाव परिणाम घोषित किए गए। पटना के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन शाम करीब चार बजे आए दूसरे हार्ट अटैक ने उनकी जान ले ली। चुनाव प्रचार के दौरान 31 अक्टूबर को ही उन्हें पहला हार्ट अटैक आया था, जिसके बाद से वे अस्पताल में ही भर्ती थे।
तरारी सीट से चंद्रशेखर सिंह को 2271 वोट मिले थे। इस सीट पर बीजेपी के विशाल प्रशांत ने 96,887 वोटों के साथ जीत दर्ज की। दूसरे स्थान पर सीपीआई(एमएल) के मदन सिंह रहे, जिन्हें 85,423 वोट मिले। तरारी की मतगणना 29 राउंड में पूरी हुई, जो इस सीट पर बेहद कांटे की प्रतिस्पर्धा और उच्च मतदान को दर्शाती है। हालांकि चंद्रशेखर सिंह चुनावी दौड़ में पीछे रहे, लेकिन स्थानीय स्तर पर उनकी अच्छी पकड़ और सामाजिक प्रभाव के कारण उनकी उम्मीदवारी को जन सुराज पार्टी ने अहम माना था।
सेवानिवृत्त प्रधान शिक्षक रहे चंद्रशेखर सिंह कुरमुरी गांव के निवासी थे। उनका राजनीतिक बैकग्राउंड भले ही नहीं रहा, लेकिन समाज में उनकी प्रतिष्ठा और सक्रियता काफी मजबूत थी। जन सुराज पार्टी के गठन के बाद वे प्रशांत किशोर की विचारधारा से प्रभावित हुए और पार्टी ने उन्हें तरारी से टिकट दिया। उनकी मौत की खबर फैलते ही कुरमुरी गांव और आसपास के इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोग इसे क्षेत्र की बड़ी क्षति बता रहे हैं। खबर लिखे जाने तक उनका पार्थिव शरीर गांव नहीं पहुंचा था, जबकि परिजन पटना से आरा के लिए रवाना हो चुके थे।
तरारी सीट बिहार के भोजपुर जिले की राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है। यहां पिछली बार वाम दलों का मजबूत आधार था, लेकिन 2025 के चुनाव में बीजेपी ने बड़ी बढ़त के साथ सीट पर कब्जा किया। जन सुराज पार्टी की इस विधानसभा क्षेत्र में उपस्थिति अपेक्षाकृत नई थी, लेकिन चंद्रशेखर सिंह की उम्मीदवारी से पार्टी ने ग्रामीण इलाकों में पैठ बनाने की कोशिश की थी। चुनाव में वोटों का भारी अंतर इस बात की ओर इशारा करता है कि इस बार मतदाताओं का रुझान स्पष्ट रूप से एनडीए और मुख्य प्रतिद्वंद्वी वाम दलों के बीच बंटा रहा। इस दुखद घटना ने न सिर्फ जन सुराज पार्टी को झटका दिया है, बल्कि तरारी क्षेत्र में भी गहरी भावनात्मक प्रतिक्रिया देखी जा रही है। चुनावी नतीजों के ऐतिहासिक दिन पर इस तरह की घटना ने स्थानीय राजनीति को शोकमय बना दिया है।