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13-Nov-2025 04:24 PM
By First Bihar
PMCH fight : राजधानी पटना के पीएमसीएच (PMCH) के इमरजेंसी वार्ड के बाहर गुरुवार को अचानक अफरातफरी का माहौल बन गया, जब एक मरीज के परिजन और सुरक्षा गार्डों के बीच जमकर मारपीट हो गई। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जुट गई और अस्पताल परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात को संभाला, हालांकि दोनों पक्षों में से किसी ने भी अब तक थाने में लिखित शिकायत नहीं दी है।
घटना गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, इमरजेंसी वार्ड में एक मरीज भर्ती था। उसी के परिजन उसे देखने के लिए पहुंचे थे। अस्पताल के नियमों के अनुसार, एक समय में सीमित लोगों को ही वार्ड में जाने की अनुमति है। गार्ड ने परिजनों को रोक दिया, जिससे विवाद शुरू हो गया। बताया जाता है कि परिजन यह कहते हुए अंदर जाने पर जोर दे रहे थे कि वे सिर्फ मरीज का हालचाल पूछकर लौट जाएंगे। लेकिन ड्यूटी पर तैनात गार्ड ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया।
गार्ड और परिजन में हुई धक्का-मुक्की
परिजनों और गार्ड के बीच पहले कहासुनी हुई, लेकिन मामला तब बिगड़ गया जब गार्ड ने उनमें से एक व्यक्ति को धक्का दे दिया। इससे परिजन भड़क गए और दोनों पक्षों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। इस दौरान मौके पर गार्ड इंचार्ज प्रियांशु भी पहुंच गए। उन्होंने स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन तब तक मामला हाथ से निकल चुका था।
प्रियांशु ने बताया कि जब वे वहां पहुंचे तो परिजन मोबाइल से वीडियो बनाने लगे। इस पर उन्होंने वीडियो बनाने से मना किया और मोबाइल झपटने की कोशिश की, जिससे विवाद और बढ़ गया। आरोप है कि मरीज के परिजनों ने उन पर हमला कर दिया और चेहरे पर घूंसे भी मारे।
“चेहरे पर मारा घूंसा, बचाव में लाठी उठाई” – गार्ड इंचार्ज
गार्ड इंचार्ज प्रियांशु ने बताया कि मारपीट के दौरान उनके चेहरे पर चोट लगी है। उन्होंने कहा, “मैंने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वे वीडियो बना रहे थे। जब मैंने रोकना चाहा तो उन्होंने अचानक मुझ पर हमला कर दिया। घूंसे से चेहरे पर चोट लगी। उस वक्त वहां कोई दूसरा गार्ड नहीं था जो बीच-बचाव कर सके।”
उन्होंने आगे कहा, “भीड़ बढ़ती जा रही थी। उसी बीच मुझे अपनी लाठी मिल गई। मैंने बचाव में लाठी उठाई और तब जाकर वे लोग वहां से भागे। दो लोग मरीन ड्राइव की ओर भाग गए और दो लोग पीएमसीएच कैंपस के अंदर होते हुए मेन गेट से निकल गए।”
पुलिस को दी गई सूचना, परिजन नहीं मिले
प्रियांशु ने बताया कि उन्होंने तुरंत डायल-112 पर सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक झगड़ा करने वाले परिजन वहां से भाग चुके थे। पुलिस ने आसपास पूछताछ की, लेकिन किसी की पहचान नहीं हो सकी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, फिलहाल यह मामला अस्पताल प्रबंधन और मरीज पक्ष के बीच आंतरिक विवाद का प्रतीत हो रहा है। हालांकि किसी भी पक्ष ने अभी तक लिखित शिकायत नहीं दी है, इसलिए औपचारिक केस दर्ज नहीं किया गया है।
अस्पताल प्रशासन ने कहा – “जांच के बाद कार्रवाई होगी”
पीएमसीएच प्रशासन ने इस पूरे मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच के आदेश दिए हैं। अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इमरजेंसी वार्ड में सुरक्षा के सख्त नियम हैं और मरीज के परिजनों को सीमित समय में ही मिलने की अनुमति दी जाती है। अगर किसी ने नियम तोड़ा है या गार्डों ने अनुचित व्यवहार किया है, तो उसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
आए दिन हो रहे हैं ऐसे विवाद
पीएमसीएच में इस तरह के विवाद कोई नई बात नहीं हैं। मरीज के परिजनों और गार्डों के बीच अक्सर झड़प की घटनाएं होती रहती हैं। अस्पताल में रोजाना हजारों मरीज इलाज के लिए आते हैं, जिससे भीड़ बढ़ जाती है और कभी-कभी धैर्य खोने पर विवाद की स्थिति बन जाती है। हालांकि इस बार मामला इमरजेंसी वार्ड के बाहर हुआ, जहां सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सख्त होती है। ऐसे में यह घटना अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। फिलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत कर मामला शांत करा दिया है। अस्पताल प्रशासन ने कहा है कि पूरे प्रकरण की जांच की जाएगी और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।