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28-Jul-2025 02:32 PM
By Viveka Nand
Bihar News: 'जय बापू, जय भीम, जय संविधान' रैली की असफलता से बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरू ऐसे औंधे मुंह गिरे, फिर उठने की हिम्मत नहीं जुटा पाये. दूसरी जनसभा-जनसभा करने का साहस नहीं जुटा पाए. चुनावी वर्ष में कांग्रेस पार्टी अप्रैल महीने में असफल हुई, जुलाई का महीना खत्म होने को है, इसके बाद भी पार्टी कोई बड़ी जनसभा करने के बारे में सोच नहीं पाई. बक्सर में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा में 90 फीसदी कुर्सियां खाली रहने के बाद प्रभारी कृष्णा अल्लावरू की भद्द पिट गई थी. हद तो तब हो गई जब इस बड़ी असफलता के लिए जिलाध्यक्ष को दोषी ठहरा दिया गया था.
अल्लावरू के नेतृत्व में हुई सुपर फ्लॉप जनसभा
कांग्रेस पार्टी बिहार में खुद को मजबूत करने के लिए बिहार में नए प्रभारी की नियुक्ति की. कृष्णा अल्लावरू को प्रभारी की जिम्मेदारी देकर भेजा गया. इनके बिहार आते ही सबसे पहले अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह को हटाया गया और राजेश राम को बिहार कांग्रेस की कमान सौंपी गई. अल्लावरू बिहार में काम करने लगे. उन्होंने घर और बाहर के विरोधियों में अपनी ताकत का अहसास कराने के लिए 20 अप्रैल को बक्सर में बड़ा कार्यक्रम आयोजित कराया. जनसभा में राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिल्कार्जुन खड़गे को बुलाया. लेकिन अल्लावरू पहली परीक्षा में ही फेल कर गए, ऐसे चित्त हुए जिसकी कल्पना भी नहीं की होगी. राष्ट्रीय अध्यक्ष की जनसभा सुपर फ्लॉप हुई. कार्यक्रम में 90 फीसदी कुर्सियां खाली रह गईं. प्रभारी कृष्णा अल्लावरू खुद के बुने हुए जाल में बुरी तरह से फंस गए. तब से आज तक बिहार कांग्रेस कोई बड़ी जनसभा कराने की हिम्मत नहीं जुटा पाई। बक्सर की जनसभा के सुपर फ्लॉप होने का ठीकरा जिलाध्यक्ष पर फोड़ दिया गया था, उन्हें आनन-फानन में पद से हटा दिया गया था. तब भी भारी किरकिरी हुई थी.
जनसभा में भद्द पिटने के बाद हॉल बेस्ड कार्यक्रम कराने में जुटी है पार्टी
वैसे, हाल के दिनों में राहुल गांधी कई बार बिहार आ चुके हैं, लेकिन उन्होंने कोई बड़ी पब्लिक मीटिंग नहीं की है. राजधानी में कई कार्यक्रम में शिरकत किए, हॉल में लोगों को संबोधित किया, फिर वापस लौट गए. बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू ने पहला प्रयोग किया, खुद के बूते बक्सर में जनसभा आयोजित कराई, जिसमें सहयोगी दलों को दूर रखा गया, दल के कुछ नेताओं को भी अलग रखा गया. उक्त कार्यक्रम में मल्लिकार्जुन खड़गे को आमंत्रित किया गया था. लेकिन बिहार प्रभारी की तैयारी की तब हवा निकल गई जब जनसभा में लोग ही नहीं पहुंचे. जनता ने कांग्रेस की जनसभा से दूरी बना ली, वो भी उस जगह पर जहां के विधायक कांग्रेस के हैं, बगल के लोकसभा क्षेत्र के सांसद दल के हों. उस इलाके में आयोजित राष्ट्रीय अध्यक्ष की जनसभा में 90 फीसदी कुर्सियां खाली रह गईं. इस तरह से खाली कुर्सियों को अपना भाषण सुनाकर राष्ट्रीय अध्यक्ष वापस लौट गए थे. भद्द पिटने के बाद बक्सर जिला कांग्रेस के अध्यक्ष मनोज कुमार पांडेय को पद से हटा दिया गया था. पार्टी ने उन पर आरोप लगाया कि अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली में भीड़ जुटाने में वे नाकाम रहे। तब मनोज कुमार पांडेय ने अपनी सफाई में कहा था कि रैली में कुर्सियां खाली रहने की वजह गर्मी थी।
'90% से ज्यादा कुर्सियां खाली थीं'
दलसागर फुटबॉल ग्राउंड , जो बक्सर शहर से लगभग 10 किलोमीटर दूर था, वहां लोगों ने तब बताया था कि खड़गे के भाषण के दौरान 90% से ज्यादा कुर्सियां खाली थीं। लोगों ने ये भी बताया कि कांग्रेस विधायक (MLA) संजय कुमार तिवारी लोगों से कुर्सियां भरने के लिए कह रहे थे, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी।
कम भीड़ देखकर बड़े नेता थे शर्मिंदा
पार्टी के अंदर के लोगों ने तब बताया था कि रैली में कम भीड़ देखकर सीनियर नेता बहुत शर्मिंदा थे. झेंप मिटाने के लिए कांग्रेस नेतृत्व ने बक्सर के जिलाध्यक्ष को बलि का बकरा बना दिया था.