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20-Nov-2025 01:08 PM
By First Bihar
Bihar NDA Government : नीतीश कुमार ने एक बार फिर बिहार की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ का परिचय देते हुए 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। इस शपथ ग्रहण समारोह में कुल 26 मंत्रियों ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली, जिनमें जेडीयू, भाजपा और सहयोगी दलों के चेहरे शामिल रहे। नए मंत्रिमंडल के गठन के साथ ही अब सरकार ने अपनी पहली बड़ी राजनीतिक गतिविधि की तैयारी कर ली है और वह है कैबिनेट बैठक।
शपथ ग्रहण के तुरंत बाद नीतीश कुमार ने कैबिनेट की बैठक बुलाई है। यह बैठक न केवल औपचारिक, बल्कि नए कार्यकाल की दिशा तय करने वाली बैठक मानी जा रही है। माना जा रहा है कि इस बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण है नए विधानसभा सत्र को बुलाने का निर्णय। पिछली सरकार के विघटन और नए मंत्रियों के शपथ लेने के बाद कई विधायकों को सदन में शपथ दिलाई जानी है। ऐसे में विधानसभा सत्र बुलाना सरकार के एजेंडे में सबसे ऊपर है।
कैबिनेट बैठक का एक और बड़ा उद्देश्य है—नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाने की प्रक्रिया को अंतिम रूप देना। चूंकि सरकार के गठन के साथ ही कई नए चेहरे सत्ता में आए हैं, इसलिए विधानसभा में उनकी औपचारिक भूमिका सुनिश्चित करना आवश्यक है। इस प्रक्रिया में विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव, प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति और सत्र की समय-सारणी भी तय की जा सकती है।
शपथ ग्रहण के बाद सभी की नजरें अब विभागों के बंटवारे पर टिकी हैं। नीतीश कुमार आमतौर पर महत्वपूर्ण निर्णयों पर गहन विचार-विमर्श करते हैं, इसलिए विभागों की घोषणा में थोड़ा समय लग सकता है। लेकिन माना जा रहा है कि यह प्रक्रिया जल्द ही पूरी हो जाएगी क्योंकि सरकार को कई परियोजनाओं और योजनाओं को आगे बढ़ाना है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में सरकार कई बड़े फैसले ले सकती है। रोजगार, निवेश, महिला सुरक्षा और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर योजनाओं की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही केंद्र और राज्य की योजनाओं को समन्वय के साथ लागू करने पर भी जोर दिया जाएगा।
कुल मिलाकर, नए मंत्रिमंडल के गठन के साथ बिहार में नई राजनीतिक गतिविधियों की शुरुआत हो चुकी है। अब सभी की नजरें उस कैबिनेट बैठक और विभागों के बंटवारे पर टिकी हैं, जिसके बाद राज्य की प्रशासनिक दिशा और अधिक स्पष्ट हो जाएगी।