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05-Oct-2025 09:33 AM
By First Bihar
Bihar News: बिहार के भोजपुर जिले में विधानसभा चुनाव की तैयारी के बीच एक अजीबोगरीब स्थिति बनी हुई है, जहां करीब 400 चुनाव कर्मचारियों ने अचानक बीमारी का हवाला देकर ड्यूटी से छूट की गुहार लगा दी है। आरा के जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया ने इस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए एक दर्जन से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टरों की मेडिकल टीम गठित कर दी है।
अब यह टीम 6 से 11 अक्टूबर तक जिला मुख्यालय के नागरी प्रचारिणी सभागार में जांच शिविर लगाएगी, जहां सभी आवेदकों को अपने मेडिकल दस्तावेज लेकर हाजिर होने का आदेश दिया गया है। डीएम ने साफ लफ्जों में चेतावनी दी है कि अगर कोई झूठा बहाना पकड़ा गया तो उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई होगी।
यह मामला तब सुर्खियों में आया जब जिला निर्वाचन कार्यालय में एक साथ सैकड़ों आवेदन पहुंचे जो कि सामान्य से कहीं ज्यादा थे। कर्मचारियों की यह 'सामूहिक बीमारी' चुनावी माहौल में ड्यूटी की थकान या अन्य कारणों से जुड़ी हो सकती है, लेकिन प्रशासन इसे हल्के में नहीं ले रहा है। इस जांच टीम में सर्जन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ और फिजिशियन जैसे डॉक्टर शामिल हैं। डॉ. एमएच अंसारी, डॉ. कुमार नितिश, डॉ. चेतना, डॉ. एसके प्रसाद और कई अन्य डॉक्टरों की मौजूदगी से यह स्पष्ट है कि जांच गहन और निष्पक्ष होगी।
चुनावी ड्यूटी से बचने की यह प्रवृत्ति बिहार के कई जिलों में देखी जा रही है, जहां कर्मचारी मेडिकल ग्राउंड पर अवकाश मांगते हैं। भोजपुर में यह संख्या इतनी ज्यादा होने से प्रशासनिक सतर्कता बढ़ गई है। शिविर के दौरान कर्मचारियों को विभिन्न टेस्ट से गुजरना पड़ेगा और जो वाकई बीमार पाए जाएंगे, उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था मिल सकती है। लेकिन डीएम का फोकस उन पर है जो बिना वजह ड्यूटी छोड़ना चाहते हैं, क्योंकि चुनाव आयोग ने सभी छुट्टियों पर रोक लगा रखी है।