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24-Nov-2025 02:34 PM
By First Bihar
Bihar teacher transfer : बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने अंतर जिला स्थानांतरण के तहत जिले आवंटित किए गए शिक्षकों के लिए अगला महत्वपूर्ण चरण शुरू कर दिया है। विभाग ने प्रखंड एवं विद्यालय आवंटन के लिए विस्तृत मार्गदर्शिका जारी कर दी है, जिसका अनुपालन राज्य के सभी जिलों में भी अनिवार्य रूप से किया जाएगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य शिक्षक स्थानांतरण को अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक और आवश्यकता आधारित बनाना है, ताकि सभी स्कूलों में विषयवार संतुलित शिक्षक उपलब्ध हो सकें।
शिक्षा विभाग द्वारा जारी तथ्यात्मक जानकारी के अनुसार, अंतर जिला स्थानांतरण के प्रथम चरण में कुल 41,684 आवेदनों में से 24,732 शिक्षकों को जिला आवंटित किया गया था। लेकिन कई शिक्षकों को विकल्प के अनुरूप रिक्ति उपलब्ध न होने के कारण आवंटन नहीं मिल सका। ऐसे शिक्षकों से विभाग ने दोबारा जिले के विकल्प लिए, जिसके बाद द्वितीय चरण में 2,439 शिक्षकों को जिला आवंटन किया गया।
इस प्रकार दोनों चरणों में कुल 27,171 शिक्षकों को अंतर जिला स्थानांतरण के तहत नए जिले आवंटित किए गए हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, अब प्रक्रिया का अगला चरण समयबद्ध तरीके से पूरी तरह ऑनलाइन मोड पर संचालित होगा।
जिन शिक्षकों को नया जिला मिला है, उनसे अब पांच प्रखंडों का ऑनलाइन विकल्प लिया जाएगा। यह प्रक्रिया 24 नवंबर से 5 दिसंबर 2025 तक ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से चलेगी। शिक्षकों को सलाह दी गई है कि वे अपने विषयवार रिक्तियों को देखकर प्राथमिकता के आधार पर प्रखंडों का चयन करें। मधुबनी जिला प्रशासन सहित राज्य के सभी जिलों को इस प्रक्रिया के सुचारू संचालन हेतु तैयारी शुरू करने का निर्देश जारी कर दिया गया है। विभागीय अधिकारियों का स्पष्ट निर्देश है कि विकल्प लेने से लेकर आवंटन तक की पूरी प्रक्रिया तकनीकी रूप से सुरक्षित एवं पारदर्शी तरीके से की जाए।
प्रखंड आवंटन जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित स्थापना समिति द्वारा किया जाएगा। यह समिति सॉफ्टवेयर के माध्यम से प्रखंडवार, कक्षावार एवं विषयवार उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर प्रखंड आवंटन करेगी। यह चरण 10 दिसंबर से 15 दिसंबर 2025 तक चलेगा।
विशेष बात यह है कि यदि कोई शिक्षक पांच प्रखंडों का विकल्प नहीं देता है, तो उसका जिला आवंटन स्वतः निरस्त कर दिया जाएगा। ऐसे शिक्षकों को पूर्व के जिले एवं विद्यालय में ही पदस्थापित माना जाएगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि इस नियम में किसी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी।
प्रखंड आवंटन पूरा होने के बाद विद्यालय आवंटन का अंतिम और महत्वपूर्ण चरण 16 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक संचालित किया जाएगा। इसमें प्राथमिकता क्रम का कड़ाई से पालन किया जाएगा। पहले नियमित शिक्षक, फिर विशिष्ट शिक्षक और उसके बाद विद्यालय अध्यापक (टीआरई-1 एवं टीआरई-2) को स्थान दिया जाएगा। साथ ही दिव्यांग महिला, दिव्यांग पुरुष, सामान्य महिला और अंत में सामान्य पुरुष शिक्षकों को उम्र के आधार पर प्राथमिकता दी जाएगी।
विद्यालय आवंटन के बाद जारी आदेश में दी गई तिथि तक सभी शिक्षकों को अपने नए विद्यालय में योगदान करना अनिवार्य होगा। अनुपालन नहीं करने पर विभागीय कार्रवाई की भी संभावना जताई गई है। मधुबनी में विद्यालय आवंटन के दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जिन विद्यालयों में किसी विषय की पूर्ण रिक्ति है, वहां पहले शिक्षक भेजे जाएं। किसी भी विषय के लिए तब तक दो शिक्षक नहीं भेजे जाएंगे, जब तक जिले के सभी स्कूलों में उस विषय का कम से कम एक शिक्षक उपलब्ध न हो जाए। साथ ही ‘छात्र-शिक्षक अनुपात’ भी स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा, ताकि जहां आवश्यकता अधिक है, वहां पहले शिक्षक पदस्थापित किए जा सकें। इससे जिले में शिक्षा व्यवस्था अधिक संतुलित और प्रभावी होने की उम्मीद जताई जा रही है।
शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंद्र ने सभी जिलों को सख्त निर्देश दिया है कि पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध, पारदर्शी और सॉफ्टवेयर-आधारित तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा है कि शिक्षकों के स्थानांतरण में किसी भी स्तर पर मानवीय हस्तक्षेप या अपारदर्शिता की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। नई प्रणाली के लागू होने से हजारों शिक्षकों को अपनी पसंद के अनुरूप प्रखंड और विद्यालय मिलने की संभावना बढ़ जाएगी, वहीं विद्यालयों में विषयवार शिक्षक उपलब्ध होने से शिक्षण व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी।