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11-Nov-2025 04:06 PM
By First Bihar
Bihar Election : बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में मंगलवार को 20 जिलों की 122 सीटों पर मतदान जारी है। मतदाता सुबह से ही अपने-अपने बूथों पर कतारों में नजर आ रहे हैं। इसी बीच एनडीए सहयोगी दल हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्यूलर) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने गया जिले के अपने पैतृक गांव महकार में मतदान किया। वोट डालने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि एनडीए को इस बार बड़े पैमाने पर जनसमर्थन मिल रहा है और गठबंधन 122 में से कम से कम 80 सीटों पर जीत दर्ज करेगा।
मांझी ने कहा कि पहले चरण में करीब 65 प्रतिशत मतदान हुआ था, जिसमें 70 प्रतिशत से अधिक महिलाओं की भागीदारी रही। इस बार भी महिलाएं NDA के पक्ष में खुलकर मतदान कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने हमेशा विकास और स्थिरता को प्राथमिकता दी है और इस बार भी वही रुझान दिख रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री मांझी ने कहा कि बिहार में विकास का सिलसिला जारी रहना चाहिए। उन्होंने कहा, “हम हमेशा से एनडीए की वकालत करते रहे हैं क्योंकि इस गठबंधन ने बिहार को सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई दिशा दी है। जनता अराजकता नहीं, विकास चाहती है। बिहार के मतदाता इस बार फिर से स्थिर सरकार और सुशासन के पक्ष में मतदान कर रहे हैं।”
मांझी ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने बुनियादी ढांचे में उल्लेखनीय प्रगति की है। गांव-गांव तक सड़कें पहुंची हैं, शिक्षा संस्थानों की स्थिति में सुधार हुआ है और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि NDA सरकार ने गरीबों, दलितों और पिछड़ों के हित में कई योजनाएं चलाई हैं, जिनका असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है।
हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्यूलर) इस चुनाव में छह सीटों पर चुनाव लड़ रही है। पार्टी ने इमामगंज से मांझी की बहू दीपा कुमारी, टिकारी से अनिल कुमार, बाराचट्टी से ज्योति देवी, अतरी से रोमित कुमार, सिकंदरा से प्रफुल्ल कुमार मांझी और कुटुंबा से ललन राम को उम्मीदवार बनाया है। मांझी ने कहा कि उनकी पार्टी NDA के भीतर एक मजबूत स्तंभ की तरह काम कर रही है और जनता ने सभी उम्मीदवारों को सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।
मांझी ने दावा किया कि इस बार का चुनाव जनता के लिए “विकास बनाम अराजकता” का चुनाव है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस एजेंडा नहीं है जबकि NDA सरकार ने जमीन पर काम किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता NDA के कामकाज से संतुष्ट है और दोबारा इसे सत्ता में लाएगी। दूसरे चरण के मतदान में भी लोगों में उत्साह देखा जा रहा है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, दोपहर 1 बजे तक कुल 47.62 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। वहीं गया जिले में 50 प्रतिशत से अधिक वोटिंग हो चुकी है। कई मतदान केंद्रों पर महिलाओं और युवाओं की लंबी कतारें दिखाई दीं। मतदान शांतिपूर्ण माहौल में जारी है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दूसरे चरण का मतदान कई दिग्गज नेताओं के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। एनडीए और महागठबंधन दोनों ने ही इन सीटों पर पूरी ताकत झोंक दी है। वहीं, तीसरे चरण से पहले के मतदान रुझान से राज्य की सत्ता का रुख तय होने के संकेत मिल सकते हैं।
कुल मिलाकर, बिहार चुनाव का दूसरा चरण NDA और महागठबंधन दोनों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है। जनता के रुझान से यह स्पष्ट है कि मतदान के हर दौर में बिहार के मतदाता लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। मांझी और उनकी पार्टी को भरोसा है कि जनता इस बार भी “विकास और सुशासन” के एजेंडे को ही प्राथमिकता देगी।