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PM Modi speech : पीएम मोदी ने याद दिलाया गोलू अपहरण कांड, जानिए क्या है इसकी पूरी कहानी; कभी अटल जी ने भी याद किया था किसलय का नाम

बिहार चुनावी माहौल में पीएम मोदी ने मुजफ्फरपुर की सभा में 2001 के गोलू अपहरण कांड की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि युवाओं को जानना चाहिए कि उस दौर में अपराध किस हद तक बढ़ा हुआ था।

30-Oct-2025 01:26 PM

By First Bihar

PM Modi speech : बिहार के चुनाव में एक बार फिर अपहरण कांड की चर्चा तेज हो गई है। कभी अटल बिहारी वाजपेयी ने बिहार में आकर किसलय अपहरण कांड को याद करते हुए कहा था कि “कहां है मेरा किसलय, उसे लौटा दो”, और अब पीएम मोदी ने आज मुजफ्फरपुर में एक बार फिर उसी अंदाज में गोलू अपहरण कांड की याद दिलाई है।


पीएम मोदी ने कहा कि आज जो बीस साल के युवा हैं, उन्हें शायद गोलू अपहरण कांड के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होगी। लेकिन वे अपने घर के बड़े लोगों से पूछें कि यही मुजफ्फरपुर में कैसे एक स्कूली छात्र, जिसका नाम गोलू था, उसका अपहरण कर लिया गया था। साल 2001 में गोलू अपहरण कांड को लेकर जो कहानी हुई थी, उसे जरूर याद करना चाहिए। आज के युवाओं को उस समय की इस घटना के बारे में जानना चाहिए कि कैसे उनके शासन में कानून का हाल था।


पीएम मोदी ने कहा – “यहां आप मुजफ्फरपुर के लोग गोलू अपहरण कांड को कभी नहीं भूल सकते। जो 20-25 साल की उम्र तक के लोग हैं, उन्हें शायद यह गोलू अपहरण कांड का पता नहीं होगा। जो पुराने लोग हैं, उन्हें बताना चाहिए कि क्या हुआ था। इसी शहर में साल 2001 में स्कूल जाते हुए एक छोटे से बच्चे को अपराधियों ने दिनदहाड़े किडनैप कर लिया था और बदले में ढेर सारे रुपए मांगे गए थे। जब रुपए नहीं दिए गए, तो इन राजद के चट्टे-बट्टों ने उस गोलू को, उस छोटे से बच्चे को टुकड़े-टुकड़े कर दिया। भाई-बहनों, राजद के शासन में 35 से 40 हजार लोगों का अपहरण कर लिया गया था। उस समय भी इन्हें माताओं-बहनों के आंसुओं से फर्क नहीं पड़ता था और आज भी वही हाल है। हम तो हाथ जोड़कर आपकी सेवा करने आए हैं।”


आइए जानते हैं क्या है गोलू अपहरण कांड

साल 2001 में मुजफ्फरपुर में गोलू नाम के मासूम बच्चे को पहले अगवा कर लिया गया था और बाद में उसकी हत्या कर दी गई थी। गोलू का शव मिलने के बाद पूरा शहर गुस्से में उबल पड़ा था। लोगों ने मुख्य सड़क से लेकर शहर की गलियों तक को जाम कर दिया था और हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पूरा शहर बंद कर दिया था। बीते साल ही पुलिस ने इस मामले को फिर से खोला है।


देखते ही देखते पूरा शहर हिंसा की चपेट में आ गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर हमला कर दिया, नगर थाना, नाका थाना और पुलिस पिकेट को आग के हवाले कर दिया गया। उस समय हालात इतने बिगड़ गए थे कि खाकी वर्दी पहनकर निकलना भी पुलिसकर्मियों के लिए खतरे से खाली नहीं था।


स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और हवाई फायरिंग की थी। कई लोग घायल हुए थे और शहर में लगातार दो दिनों तक तनाव का माहौल बना रहा। हालात संभालने के लिए तत्कालीन सरकार को पटना से हेलीकॉप्टर द्वारा आईपीएस अधिकारी रविंद्र कुमार सिंह को मुजफ्फरपुर भेजना पड़ा था, जबकि तत्कालीन एसपी नय्यर हसनैन खान को वापस बुला लिया गया था।


घटना के 23 साल बाद, साल 2024 में फिर से इस केस को खोला गया है। पुलिस ने इस मामले में कुल 32 लोगों को नामजद किया था, जबकि सैकड़ों अज्ञात भी शामिल थे। इनमें से 10 आरोपी पहले से ही जमानत पर हैं। इस मामले में कई ऐसे नाम शामिल हैं जो अब अलग-अलग राजनीतिक दलों में महत्वपूर्ण पदों पर हैं। पुलिस की कार्रवाई की खबर से इन लोगों में खलबली मच गई है।


अटल जी ने किसलय हत्याकांड को किया था याद

2005 में जब बिहार में लालू-राबड़ी का शासन काल था, तब पटना के दिल्ली पब्लिक स्कूल के छात्र किसलय कौशल का अपहरण अपराधियों ने कर लिया था। उस समय आक्रोशित लोगों और स्कूली बच्चों के अभिभावकों ने राज्य सरकार के खिलाफ राजभवन मार्च निकालकर राज्यपाल से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की थी।


बिहारवासियों की स्मृति में आज भी बिहार का चर्चित किसलय अपहरण कांड जीवित है। क्योंकि इस अपहरण कांड के बाद देश के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी बिहार दौरे पर थे। तब उन्होंने पटना के गांधी मैदान में रैली को संबोधित करते हुए कहा था – “कहां है मेरा किसलय, कोई मेरे किसलय को लौटा दो।”आपको बता दें कि उस दौर में डॉक्टर, इंजीनियर और व्यापारी के साथ-साथ बच्चों का अपहरण आम बात हो गई थी।