Bihar politics : बिहार की सियासत में नया अध्याय : निशांत ने संभाली JDU की कमान ! संजय झा के घर विधायकों के साथ हाईलेवल मीटिंग, बनी यह ख़ास रणनीति HRMS Portal Railway: महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए रेलवे का बड़ा कदम, अब इस तरह से कर सकेंगी शिकायत Bihar News : एक ही परिवार से उठी दो अर्थी, मामा-भांजे की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत IAS SUCCESS STORY : छोटे से गांव का बड़ा कमाल : कोचिंग नहीं की… फिर भी UPSC में टॉप! पटना के इशित्व ने कर दिखाया कमाल; सक्सेस स्टोरी हो रही वायरल Bihar Ration Card eKYC : बिहार में राशन कार्डधारियों को इस डेट तक हर हाल में करना होगा यह काम, डेढ़ करोड़ लाभुकों का कट सकता है नाम BJP सांसदों को जारी हुआ व्हिप: 9 और 10 मार्च को सदन में हर हाल में उपस्थित रहना होगा, जानें वजह LPG Price Hike : घरेलू रसोई गैस सिलेंडर महंगा, 14.2 किलो LPG के दाम में 60 रुपये की बढ़ोतरी, आज से लागू नया रेट बिहार का अगला सीएम कौन होगा, इस पर बेकार की माथापच्ची हो रही है: नीतीश खुद तय कर चुके हैं उत्तराधिकारी का नाम, इस नेता की होगी ताजपोशी Bihar Teacher News: बिहार के 31 शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो का बड़ा एक्शन Bihar Teacher News: बिहार के 31 शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो का बड़ा एक्शन
14-Nov-2025 02:05 PM
By FIRST BIHAR
Bihar Election Result 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना अभी भी जारी है, लेकिन रुझानों में साफ दिखाई दे रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए प्रचंड बहुमत की ओर बढ़ रहा है। इस चुनाव में महिलाओं की बड़ी भूमिका रही है, जिन्होंने रिकॉर्ड संख्या में मतदान किया। रुझानों में इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है।
नीतीश कुमार के कार्यकाल में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए जीविका दीदी योजना, महिला रोजगार मिशन और अन्य कई स्कीमें संचालित की गईं। चुनाव प्रचार के दौरान भी महिलाओं में इन योजनाओं का प्रभाव साफ दिखाई दिया। कई महिलाएं गर्व से कहती दिखीं— “जिसका खाते हैं, उसी के देंगे।”
बिहार सरकार की ओर से मिलने वाली 10 हजार रुपये की सहायता राशि ने भी ग्रामीण महिलाओं में खासा प्रभाव डाला। यही वजह रही कि महिलाओं ने बढ़-चढ़कर मतदान किया और रुझान एनडीए के पक्ष में झुकते दिख रहे हैं। वहीं, युवाओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रभाव नजर आया। प्रचार के दौरान बड़ी संख्या में युवा एनडीए के समर्थन में दिखे और यह रुझानों में साफ झलक रहा है।
उधर, आरजेडी को अपने पारंपरिक मुस्लिम–यादव (MY) समीकरण पर भरोसा था। हालांकि, चुनावी आकलनों के अनुसार एनडीए ने इस वोटबैंक में सेंधमारी की है। टुडेज चाणक्य के मुताबिक, यादवों का 23% वोट इस बार एनडीए के उम्मीदवारों को मिला है।
कुछ सीटों पर मुस्लिम वोट भी विभाजित हुआ है। कई मुस्लिम मतदाता एनडीए के घटक दलों, एआईएमआईएम या फिर प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी की ओर झुके। वहीं, मुकेश सहनी को डिप्टी सीएम उम्मीदवार बनाए जाने से मुस्लिम मतदाताओं में नाराजगी भी देखी गई, जिसका असर आरजेडी के प्रदर्शन पर पड़ा।