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11-Sep-2025 06:20 PM
By Viveka Nand
Bihar News: बिहार विधानसभा चुनाव का बिगुल बजने वाला है. चुनावी रणभेरी बजने से पहले सभी दल मैदान सजाने में जुटे हैं. संभावित प्रत्याशी टिकट कंफर्म कराने को लेकर नेताओं के दरवाजे पर दौड़ लगा रहे. टिकट के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाये जा रहे हैं. उम्मीदवारी के लिए कई धनसेठ थैली लेकर घूम रहे हैं. बिहार में सेठजी के नाम से मशहूर (वैसे तो बालू माफिया के रूप में पहचान है) एक नेता खुद, बेटे और भाई का टिकट जुगाड़ करने में जुटे हैं. तीनों एक ही जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से उम्मीदवार बनने की फिराक में दिन-रात एक किए हुए हैं. खास बात यह कि सेठ जी नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू से टिकट की फिराक में हैं. बेटा मुकेश सहनी की पार्टी वीआईपी से तो भाई राजद से कंफर्म टिकट की जुगाड़ में है.
बालू के अवैध धंधे के लिए चर्चित है सेठ परिवार...
बात बिहार के एक सेठ परिवार की. बिहार की राजनीति में सेठ जी के बारे में कई तरह की चर्चा होती है. बताया जाता है कि सेठजी जलेबी बनाते-बनाते नेता व माननीय बन गए. इतना ही नहीं माननीय के साथ-साथ बालू माफिया भी बन गए. बालू के वैध-अवैध धंधे में सेठ पिता-पुत्र का कोई जोड़ नहीं. बालू के अवैध धंधे में पिता-पुत्र जेल यात्रा भी कर चुके हैं. लंबे समय तक हवालात में रहने के बाद सेठ जी बाहर निकले. हाल में ही पुत्र भी जेल से रिहा हुए हैं. चूंकि चुनावी मौसम है, सभी नेता बहती गंगा में हाथ धोना चाहते हैं. थैली वाले नेता तो टिकट लेना बाएं हाथ का खेल समझते हैं. लिहाजा सेठ जी भी टिकट के लिए खूब दिमाग लगा रहे हैं. खुद तो टिकट की रेस में हैं ही, बेटे के लिए भी टिकट की जुगाड़ में हैं. सेठ जी के बारे में जानकारी लगी है कि वे अपनी ही पार्टी जेडीयू से टिकट की इच्छा पाल रखे हैं. इनके बारे में बताया जा रहा है कि जेडीयू नेतृत्व इन्हें चुनावी मैदान में उतार सकती है. क्यों कि पार्टी को लगता है कि जिस विधानसभा क्षेत्र से सेठ जी टिकट मांग रहे, वहां से दूसरा कोई उम्मीदवार ही नहीं है. बताया जाता है कि वह सीट राजद का कंफर्म सीट मानी जाती है. खोजने से भी जेडीयू को उम्मीदवार नहीं मिल रहा. ऐसे में सेठ जी की डिमांड पूरी हो सकती है. बात भोजपुर के संदेश विधानसभा क्षेत्र की हो रही है.
जेल यात्रा कर लौटा पुत्र वीआईपी का उम्मीदवार बनेगा ?
अब सेठ जी के बेटा की चर्चा कर लेते हैं. बालू के अवैध धंधा में लंबे समय तक जेल में बंद पुत्र हाल ही में रिहा हुए हैं. अब वह भी टिकट की रेस में है. पुत्र विपक्षी गठबंधन के एक घटक दल वीआईपी से टिकट की जुगाड़ में है. पुत्र की नजर बड़हरा सीट पर है. जानकार बताते हैं कि सेठ जी अपने पुत्र के लिए भी पसीना बहा रहे. खुद तो सत्ता पक्ष से उम्मीदवार बनने की फिराक में ही, पुत्र को विपक्षी खेमे से चुनावी मैदान में उतारना चाहते हैं. इसके लिए वीआईपी पहली पसंद है. मुकेश सहनी की पार्टी से टिकट की इच्छा पूर्ति के लिए थैली का मुंह खोलने को तैयार बैठे हैं.
भाई राजद से टिकट की रेस में
अब आइए..सेठ जी के भाई की चर्चा कर लेते हैं. सेठ जी के भाई राजद से जुड़े हैं. वे भी विधानसभा का टिकट चाहते हैं. वे राजद से टिकट लेने को इच्छुक हैं. इसके लिए रात-दिन पसीना बहा रहे. बताया जाता है कि उनकी नजर भोजपुर की दो विधानसभा सीट पर है. जहां से भी टिकट कंफर्म हो जाए, चुनाव लड़ लेंगे. अब देखना होगा, सेठ जी का सपना पूरा हो पाता है या नहीं.