ब्रेकिंग न्यूज़

Patna school closed : पटना में बढ़ती ठंड का असर: 5 जनवरी तक कक्षा पांच तक के सभी स्कूल बंद, ऊपरी कक्षाओं के लिए बदला समय Bihar State Women Commission : बिहार की महिलाओं पर विवादित बयान देकर बुरे फंसे महिला मंत्री के हसबैंड , महिला आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान ; सरकार से कार्रवाई की मांग Bihar News: बिहार के SHO की सैलरी से हर दिन कटेंगे पांच सौ रूपए, कोर्ट के फैसले से हर कोई हैरान Bihar News: बिहार के SHO की सैलरी से हर दिन कटेंगे पांच सौ रूपए, कोर्ट के फैसले से हर कोई हैरान बिहार में NIA का बड़ा एक्शन: फुलवारी शरीफ PFI मामले में दो संदिग्धों को हिरासत में लिया, पूछताछ के बाद एक को छोड़ा बिहार में NIA का बड़ा एक्शन: फुलवारी शरीफ PFI मामले में दो संदिग्धों को हिरासत में लिया, पूछताछ के बाद एक को छोड़ा पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी की जयंती पर भव्य समारोह का होगा आयोजन, सीएम नीतीश कुमार होंगे शामिल पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी की जयंती पर भव्य समारोह का होगा आयोजन, सीएम नीतीश कुमार होंगे शामिल मुजफ्फरपुर पुलिस की नई पहल: अब थानों पर लगेगा जनता दरबार, SP ने सुनीं जन-समस्याएं Bihar News: बिहार का भ्रष्ट दारोगा 25 हजार घूस लेते हुआ गिरफ्तार, निगरानी ब्यूरो की टीम ने थाना गेट पर ही रंगे हाथ धर लिया

Bihar Election 2025: नीतीश कुमार आज समस्तीपुर में भरेंगे दम, NDA प्रत्याशियों के लिए मागेंगे वोट; तेजस्वी की बढ़ सकती है मुश्किलें

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर एनडीए में प्रचार का दौर तेजी से जारी है। चुनावी पार्टियों में आरोप-प्रत्यारो का सिलसीला भी जारी है। ऐसे में आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समस्तीपुर में जनसभा करेंगे।

Bihar Election 2025

31-Oct-2025 09:55 AM

By First Bihar

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर एनडीए में प्रचार का दौर तेजी से जारी है। चुनावी पार्टियों में आरोप-प्रत्यारो का सिलसीला भी जारी है। ऐसे में आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समस्तीपुर में जनसभा करेंगे। इसके अलावा, चिराग पासवान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री लगातार चुनाव प्रचार में जुटे हैं। एनडीए इस चुनाव में विकास, सुशासन और जनकल्याण योजनाओं को मुख्य चुनावी मुद्दा बना रहा है।


बता दें कि, आज पटना के होटल मौर्या में एनडीए का साझा मेनिफेस्टो जारी किया जाएगा। इस जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, चिराग पासवान और अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित रहेंगे। मेनिफेस्टो में आगामी पांच वर्षों के लिए बुनियादी ढांचे, महिला सशक्तिकरण, रोजगार और स्वास्थ्य जैसे विकासात्मक वादों को प्रमुखता दी जाएगी।


हालांकि, प्रचार अभियान में कुछ चुनौतियां भी देखने को मिल रहा है। बेगूसराय की बखरी विधानसभा क्षेत्र में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की जनसभा में भीड़ नहीं जुट सकी। लेकिन इसका कारण पार्टी ने बताया कि सभा को तकनीकी कारणों से स्थगित कर दिया गया। सूत्रों का कहना है कि यह असफलता LJPR प्रत्याशी संजय पासवान के बाहरी रहने और स्थानीय कार्यकर्ताओं के कमजोर समर्थन के कारण हुई। प्रशासन ने सभा के लिए पूरी तैयारी कर ली थी और दो दिन से प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा था।


इधर, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी बिहार में एनडीए प्रत्याशियों के समर्थन में रैलियों को संबोधित किया। उन्होंने विपक्ष की जोड़ी तेजस्वी यादव और राहुल गांधी को “गप्पू और पप्पू” कहकर आलोचना की। धामी ने कहा कि यह जोड़ी रोज नए झूठे वादे कर रही है और जनता अब उनके बहकावे में नहीं आने वाली। उन्होंने तेजस्वी के वक्फ बिल पर बयान पर भी पलटवार किया और कहा कि संविधान से पारित किसी कानून को किसी की मर्जी से नहीं फाड़ा जा सकता।


धामी ने छठ पर्व पर राहुल गांधी के बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बिहार की माताएं और बहनें सदियों से छठ पूजा करती आ रही हैं और उनके संस्कार और परंपरा का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है। उनका कहना था कि कांग्रेस यह समझ नहीं पा रही कि बिहार की संस्कृति और तहजीब क्या है।


इसी तरह, मंत्री संतोष मांझी ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वे केवल झूठे वादों के सहारे जनता को भ्रमित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में कितनी सरकारी वैकेंसी है, इसकी जानकारी तेजस्वी तक नहीं है और वे सिर्फ चुनावी नारे देकर लोगों को ठगा रहे हैं।


मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर बिहार के जंगलराज की याद दिलाते हुए लिखा कि साल 2005 से पहले बिहार में विकास कार्य पूरी तरह से ठप पड़ गए थे। पुराने भवनों का रखरखाव नहीं हो रहा था और नये भवनों का निर्माण भी नहीं हो पा रहा था। आधारभूत संरचनाओं के विकास की कमी ने राज्य को पिछड़ा बना दिया था और अन्य राज्यों के लोग बिहार को हेय दृष्टि से देखते थे।


एनडीए की यह चुनावी रणनीति स्पष्ट रूप से विकास, सुशासन, कानून-व्यवस्था और जनकल्याण योजनाओं पर केंद्रित है। पार्टी का दावा है कि पिछले कार्यकाल में सड़क, पुल, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। वहीं विपक्ष, तेजस्वी यादव और महागठबंधन, बेरोजगारी, महंगाई और सरकारी योजनाओं के प्रचार को लेकर एनडीए को घेरने की कोशिश कर रहा है।


वहीं बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए लगातार यह दावा कर रहा है कि बिहार चुनाव इस बार केवल जातिगत समीकरण पर आधारित नहीं है। बल्कि विकास, सुशासन, महिला और युवा मतदाता, रोजगार और आधारभूत संरचना जैसे मुद्दों पर मतदाताओं का ध्यान केंद्रित है। साथ ही एनडीए और महागठबंधन दोनों ही अपनी-अपनी रणनीति के माध्यम से जनता को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। इस चुनाव का परिणाम यह तय करेगा कि बिहार के विकास और सुशासन की दिशा में कौन सी सरकार नेतृत्व करेगी।