Bihar Crime News: बिहार में JDU का पूर्व जिला प्रवक्ता गिरफ्तार, वैशाली पुलिस ने यहां से किया अरेस्ट; क्या है मामला? Bihar Crime News: जंगल में पेड़ से लटके दो नर कंकाल मिलने से सनसनी, ऑनर किलिंग की आशंका Bihar News: सकरी और रैयाम में जल्द खुलेंगे सहकारी चीनी मिल, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश Bihar News: सकरी और रैयाम में जल्द खुलेंगे सहकारी चीनी मिल, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश पटना में NEET छात्रा की मौत पर उबाल: शंभू गर्ल्स हॉस्टल के बाहर महिला संगठनों का जोरदार प्रदर्शन, बुलडोजर एक्शन की मांग पटना में NEET छात्रा की मौत पर उबाल: शंभू गर्ल्स हॉस्टल के बाहर महिला संगठनों का जोरदार प्रदर्शन, बुलडोजर एक्शन की मांग PM Awas Yojana Gramin: पीएम आवास योजना से बदली बिहार के गांवों की तस्वीर, 12 लाख परिवारों को मिलेगा अपना घर PM Awas Yojana Gramin: पीएम आवास योजना से बदली बिहार के गांवों की तस्वीर, 12 लाख परिवारों को मिलेगा अपना घर Prayagraj Magh Mela: प्रयागराज माघ मेला में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूरे होने पर आभार सभा, संतों ने दिया सनातन संरक्षण का संदेश Prayagraj Magh Mela: प्रयागराज माघ मेला में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूरे होने पर आभार सभा, संतों ने दिया सनातन संरक्षण का संदेश
26-Feb-2025 05:27 PM
By Viveka Nand
Bihar cabinet expansion: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. चुनाव में भले ही कुछ महीने बचे हों, फिर भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज अपने कैबिनेट का विस्तार किया है. भाजपा कोटे के सात विधायकों को मंत्री बनाया गया है. चुनाव से ठीक पहले मंत्रिमंडल विस्तार में जाति और क्षेत्र पर विशेष फोकस किया गया है. नेतृत्व ने सबको उचित हिस्सेदारी देने की कोशिश की है. हालांकि, बिहार की सबसे बड़ी आबादी वाली यादव जाति पर भाजपा को भरोसा नहीं. कैबिनेट विस्तार में यादव नेता को जगह नहीं दी गई.
यादव पर भाजपा को भरोसा नहीं
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में एनडीए की जीत के बाद नई सरकार बनी थी. तब यादव समाज को कैबिनेट में प्रतिनिधित्व दिया गया था. मुजफ्फरपुर जिले के औराई विधानसभा क्षेत्र से जीतकर आये रामसूरत राय को मंत्री बनाया गया था. नीतीश कैबिनेट में इन्हें राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई थी. 2022 में एनडीए की सरकार चली गई और नीतीश कुमार महागठबंधन की सरकार चलाने लगे. जनवरी 2024 में फिर से एनडीए की सरकार बनी. तब से यादवों को मंत्रिमंडल से साफ किया जा रहा है. तब बीजेपी ने भूमिहारों को हाफ और यादवों को साफ किया था. यानि भाजपा ने अपने कोर वोटर भूमिहार से सिर्फ एक विधायक को मंत्री बनाया,जबकि यादवों को पूरी तरह से किनारे लगा दिया गया. हालांकि, भाजपा ने नंदकिशोर यादव को बिहार विधानसभा का अध्यक्ष बनवाकर यादव कोटा को भरने का दावा किया है.
यादव जाति के कई नेताओं की चर्चा चल रही थी...
आज 26 फरवरी को जब कैबिनेट का विस्तार हुआ तो भूमिहार जाति से आने वाले जीवेश मिश्रा को नीतीश कैबिनेट में शामिल कर हिस्सेदारी पूरी कर दी. लेकिन, यादवों पर भाजपा ने भरोसा नहीं किया. इस बार के कैबिनेट विस्तार में भी इस जाति को जगह नहीं मिली. जबकि यादव समाज से आने वाले कई विधायकों के नाम की चर्चा थी. लेकिन भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने दल के किसी यादव विधायक-विधान पार्षद पर भरोसा नहीं जताया. दरअसल, भाजपा को लगता है कि पार्टी चाहे जो भी पद दे, लेकिन विधानसभा चुनाव में यादव जाति के वोटर एनडीए को वोट नहीं करेंगे. यादव जाति के वोटर आज भी राजद से जुड़े हैं. लिहाजा शीर्ष नेतृत्व ने यादवों पर भरोसा करने की बजाय, अति पिछड़ी जाति के वोटरों में अपनी पैठ को और मजबूत बनाने में जुटी है. यही वजह है कि आज सात मंत्रियों में दो अति पिछड़ी जाति से आते हैं.
इन विधायकों ने मंत्री पद की ली है शपथ
रीगा से विधायक मोतीलाल प्रसाद(तेली) अति पिछड़ी जाति से हैं. सिकटी से विधायक विजय मंडल (कैवर्थ) अति पिछड़ी जाति से आते हैं. साहेबगंज से भाजपा के विधायक राजू सिंह (राजपूत) हैं. बिहारशरीफ से विधायक सुनील कुमार (कुशवाहा ) हैं. जाले से जीवेश मिश्रा (भूमिहार) हैं. अमनौर से विधायक कृष्ण कुमार मंटू (कुर्मी) और दरभंगा के विधायक संजय सरावगी ( वैश्य) जाति से आते हैं.