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06-Oct-2025 12:17 PM
By FIRST BIHAR
Bihar Election 2025: चुनाव आयोग सोमवार शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों का ऐलान करेगा। सूत्रों के मुताबिक, इस बार आयोग की योजना राज्य में कम चरणों में मतदान कराने की है। बताया जा रहा है कि यह निर्णय राजनीतिक दलों से मिले फीडबैक के आधार पर लिया गया है। सूत्रों का कहना है कि चुनाव आयोग लंबे समय से कोशिश कर रहा है कि बड़े राज्यों में भी मतदान प्रक्रिया को कम से कम चरणों में पूरा किया जाए। बिहार में भी इस बार इसी दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
कैसे तय होती है मतदान चरणों की संख्या?
भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक देश में चुनाव कराना आसान काम नहीं है। हर राज्य की सामाजिक, भौगोलिक और सुरक्षा परिस्थितियाx अलग होती हैं। ऐसे में चुनाव आयोग मतदान के चरण तय करने से पहले कई एजेंसियों से रिपोर्ट लेता है। चुनाव की रणनीति तय करने में सबसे पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय, खुफिया एजेंसियों और राज्य सरकार से रिपोर्ट ली जाती है।
इन रिपोर्टों में यह बताया जाता है कि राज्य में कौन-कौन से क्षेत्र संवेदनशील हैं, नक्सल प्रभावित हैं या कानून-व्यवस्था की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण माने जाते हैं। इसके अलावा आयोग यह भी आंकलन करता है कि राज्य में सुरक्षा बलों की उपलब्धता कितनी है और क्या पूरे राज्य में एक साथ मतदान कराना संभव है।
क्यों होते हैं कई चरणों में चुनाव?
जिन राज्यों में सुरक्षा की स्थिति स्थिर होती है और संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता रहती है, वहां आमतौर पर चुनाव एक ही चरण में संपन्न हो जाते हैं। जैसे कि केरल, तमिलनाडु और गोवा में अक्सर एक ही चरण में मतदान होता है। वहीं उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड जैसे बड़े व संवेदनशील राज्यों में आमतौर पर मतदान कई चरणों में होता है।
इसका एक कारण यह भी है कि अर्धसैनिक बलों की संख्या सीमित होती है। एक चरण के बाद उन्हीं बलों को अगले क्षेत्र में तैनात किया जाता है, जिससे शेड्यूल लंबा हो जाता है। मौसम भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि किसी राज्य में बारिश या बर्फबारी का मौसम हो, तो आयोग मतदान की तारीखें उस अवधि से बाहर रखने की कोशिश करता है। पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों में इसलिए मतदान की तारीखें अलग-अलग होती हैं।
क्या होगा प्रेस कॉन्फ्रेंस में?
चुनाव आयोग की आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों, मतदान चरणों की संख्या और मतगणना की तारीख की घोषणा की जाएगी। आयोग की ओर से पूरी चुनावी रूपरेखा जारी की जाएगी। बता दें कि बिहार चुनाव 2025 को लेकर अब तस्वीर साफ होने वाली है। आयोग की प्राथमिकता है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए चुनाव प्रक्रिया को कम समय में पूरा किया जा सके। अब देखना होगा कि क्या इस बार बिहार में मतदान कम चरणों में संपन्न होगा या पहले की तरह लंबा चुनावी शेड्यूल देखने को मिलेगा।