ब्रेकिंग न्यूज़

पीयर थाना के अपर थानेदार घूस लेते कैमरे में कैद, मुजफ्फरपुर SSP ने किया सस्पेंड मुंगेर के बाद कटिहार में बुजुर्ग से ठगी: खुद को पुलिस बता ठग ने उड़ा लिए लाखों के जेवर समस्तीपुर में मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा, दो बदमाश गिरफ्तार बिहार में नहीं थम रहा भूमि विवाद का मामला, हिंसक झड़प में बुजुर्ग की मौत, मां-बेटी घायल VAISHALI: जढ़ुआ ओपी प्रभारी ने उठा लिया बड़ा कदम, सर्विस रिवॉल्वर से खुद को मारी गोली नीतीश कुमार विकास-सुशासन के पर्याय...दूरदर्शी सोच ने विशिष्ट नेता के रूप में किया स्थापित, योगदान को सम्मानपूर्वक याद किया जाएगा- HAM किशनगंज के पूर्व DSP गौतम कुमार निलंबित, EOU ने 5 घंटे की पूछताछ के बाद कसा शिकंजा भीषण सड़क हादसे में बाप-बेटी की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल; स्कार्पियो-बाइक की हुई जोरदार टक्कर राघोपुर हिंसक झड़प मामले में DM वर्षा सिंह ने की कार्रवाई, सीओ को हटाकर मांगा स्पष्टीकरण, विभागीय कार्रवाई शुरू Summer Special Trains: पुणे एवं मुंबई के लिए समर स्पेशल ट्रेनों का परिचालन, रेलवे ने जारी किया शेड्यूल; जानिए..

Home / crime / सृजन घोटाला : भागलपुर के तत्कालीन सिविल सर्जन की पेंशन होगी जब्त, 40...

सृजन घोटाला : भागलपुर के तत्कालीन सिविल सर्जन की पेंशन होगी जब्त, 40 लाख से ज्यादा है गबन का मामला

28-Jun-2021 07:54 AM

PATNA : बिहार के चर्चित सृजन घोटाला कांड में भागलपुर के तत्कालीन सिविल सर्जन की पूरी पेंशन राशि जब्त की जाएगी। सरकार ने भागलपुर के सिविल सर्जन रह चुके डॉ विजय कुमार की पूरी पेंशन राशि को जब्त करने का आदेश दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को इससे जुड़ी अधिसूचना जारी कर दी है। भागलपुर में सिविल सर्जन रहे डॉ विजय कुमार पर सरकारी राशि के गबन का आरोप है और जांच में ये आरोप सही पाया गया है। 


तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ विजय कुमार पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी राशि का गबन कर सृजन महिला विकास संस्थान सबौर के खाते में पैसे जमा कराए। जांच में मामला सही पाया गया है जिसके बाद उनकी पूरी पेंशन राशि को जब्त करने का आदेश दिया गया है। इसके पहले बीते साल अक्टूबर महीने में उनकी 25 फ़ीसदी पेंशन में कटौती का दंड दिया गया था लेकिन अब उनकी पूरी पेंशन ही जब्त करने का फैसला लिया गया है। 


मामला 40 लाख 75 हजार के गबन से जुड़ा हुआ है। जांच में पाया गया है कि सिविल सर्जन होने के नाते स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत आने वाली दुकानों से प्राप्त आय को सरकारी राजस्व के तौर पर खजाने में जमा कराना था लेकिन दुकान से हुई आय को सिविल सर्जन ने एक नया खाता खोलकर उसमें ट्रांसफर कर दिया। तीन बैंक खातों की राशि को बैंक ऑफ बड़ौदा भागलपुर में नया खाता खोलकर स्थानांतरित किया गया था जो नियम के विरुद्ध था।