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पटना : मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने के नाम पर 35 करोड़ की ठगी, बिहार से झारखंड तक फैलाया जाल

12-Apr-2022 08:29 AM

PATNA : डॉक्टर बनने का सपना देख रहे स्टूडेंट को देश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में एनआरआई कोटे से एडमिशन कराने का झांसा देकर शातिरों ने 30 से 35 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। शातिरों के जाल में बिहार से झारखंड तक के स्टूडेंट फंसे। पटना, भागलपुर, दरभंगा, रांची जैसे शहरों के 100 से अधिक छात्र इस जालसाजी का शिकार हुए हैं। 


ठगी के इस मामले में एसकेपुरी थाने में केस दर्ज कराया गया है। ठगी के इस मामले में केस दर्ज होने की पुष्टि एसकेपुरी थाना प्रभारी सतीश सिंह ने की है। बताया गया कि शातिरों की ओर से पटना के बोरिंग रोड स्थित जेबी मॉल के चौथे तल्ले पर किराए के कमरे में करियर काउंसिलिंग के नाम से सेंटर भी खोला गया था। यही नहीं पैसा लेने के बाद छात्रों को दाखिले से संबंधित फर्जी लेटर भी थमा दिया गया लेकिन जब छात्र संबंधित कॉलेजों में दाखिला लेने गए तब उन्हें पता चला कि लेटर फर्जी है। 


इस मामले में ठगी के शिकार छात्रों की ओर से संस्थान के निदेशक उज्ज्वल सिंह, ब्रांच हेड शुभम कुमार, अर्णव सिंह, काउंसलर कुंदन कुमार, हीरालाल, खुशबू कुमारी व रंजन कुमार के खिलाफ एसकेपुरी थाने में नामजद केस दर्ज कराया गया है। पुलिस केस दर्ज कर मामले की तलाश में जुट गई है। दफ्तर बंद कर शातिर फरार हो गये हैं। संस्थान से जुड़े आरोपितों के नाम व पते का सत्यापन किया जा रहा है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी।


जालसाजों ने बोरिंग रोड चौराहे के पास जीवी मॉल में करीब छह माह पहले कॅरियर कांउसलिंग नाम से दफ्तर खोला था। इन लोगों ने वैसे छात्रों को झांसा दिया, जिन्हें नीट की परीक्षा में कम अंक आये थे। सेटिंग-गेटिंग से ऐसे छात्रों व उनके परिजनों के नंबर हासिल करने के बाद शातिरों ने ऐसे कई छात्रों व उनके अभिभावकों के नंबर पर फोन किया और बताया कि अगर वे एनआरआई कोटे से नामांकन कराना चाहते हैं तो हो जायेगा। इसके साथ ही अपने कार्यालय की भी जानकारी दी। 


छात्र व उनके अभिभावक जालसाजों के झांसे में आ गये और उनके कार्यालय पहुंच गये। छात्र जब एडमिशन से संबंधित लेटर लेकर कॉलेज पहुंचे तो उन्हें पता चला कि यह फर्जी है। इस मामले में जक्कनपुर निवासी संगीता कुमारी, दानापुर आरपीएस मोड़ निवासी सुलेखा चौबे व दरभंगा निवसी विकास कुमार, रोहतास निवासी श्याम बिहारी सिंह, भागलपुर निवासी कंचन कुमारी, रांची निवासी राजेश सिन्हा, औरंगाबाद निवासी सुधी रंजन आदि ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।