बिहार-झारखंड के बीच इस रूट पर चलेगी फास्ट MEMU ट्रेन, यात्रियों को मिलेगी अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी सुविधाएं बिहार-झारखंड के बीच इस रूट पर चलेगी फास्ट MEMU ट्रेन, यात्रियों को मिलेगी अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी सुविधाएं Bihar News: भ्रष्ट DSP ने 80 करोड़ की संपत्ति कैसे अर्जित की...अब होगी पूछताछ, EOU के तीखे सवालों का करना पड़ेगा सामना खैनी की दुकान बनी नशे का अड्डा… पुलिस की छापेमारी में खुलासा, गांजा के साथ आरोपी गिरफ्तार पटना मेट्रो के मजदूरों का जोरदार हंगामा, ज्यादा काम लेने और कम मजदूरी देने का आरोप पटना मेट्रो के मजदूरों का जोरदार हंगामा, ज्यादा काम लेने और कम मजदूरी देने का आरोप सिर्फ 5 अप्रैल तक का खेल… एक दिन की देरी और हजारों का नुकसान, PPF निवेश में न करें ये गलती! UPSC Success Story: एक साल की कठिन तैयारी और UPSC फतह, जानिए.. IAS अनन्या सिंह की सफलता की प्रेरक कहानी UPSC Success Story: एक साल की कठिन तैयारी और UPSC फतह, जानिए.. IAS अनन्या सिंह की सफलता की प्रेरक कहानी Bihar News: कंट्रोल रूम निर्माण पर हंगामा... मेयर व पार्षदों ने रुकवाया काम, जेनरेटर बना विवाद की वजह
23-Apr-2025 09:15 AM
By First Bihar
ED Raid: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बिहार-झारखंड के 15 ठिकानों पर छापेमारी की हैं। यह छापेमारी मंगलवार को की गई, जिसमें राजवीर कंस्ट्रक्शन के मालिक वीर अग्रवाल के घर पर भी छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने बड़ी मात्रा में नकदी, बैंक खाता संबंधित दस्तावेज और जमीन से जुड़े कागजात जब्त किए।
वीर अग्रवाल के बांका स्थित बौंसी के पैतृक आवास से 1.30 करोड़ रुपये कैश जब्त किए गए हैं। ईडी की टीम ने इस छापेमारी को 12 घंटे से अधिक समय तक जारी रखा। इसके अलावा, रांची, दुमका और कोलकाता स्थित राजवीर कंस्ट्रक्शन के दफ्तरों पर भी रेड की गई। रांची से आई छह सदस्यीय टीम ने शाम के समय पंजाब नेशनल बैंक का कैश वाहन और नोट गिनने की तीन मशीनें मंगाई थीं, ताकि जब्त किए गए नकद को सही तरीके से गिना जा सके।
वीर अग्रवाल और उनके छोटे पुत्र राम अग्रवाल, जो एक मेडिकल दुकान चलाते हैं, से ईडी ने लंबी पूछताछ की। जानकारी के अनुसार, वीर अग्रवाल और उनके परिवार के सदस्य झारखंड में बड़े पैमाने पर सरकारी निविदाएं प्राप्त करके काम करते हैं। उनकी कंपनी का सरकारी ठेकों में गहरा प्रभाव है।
विशेष रूप से, यह मामला बोकारो जिले से जुड़ा है, जहां राजवीर कंस्ट्रक्शन द्वारा वन विभाग की 130 एकड़ भूमि की गलत तरीके से खरीद-फरोख्त की गई थी। इस मामले की जांच ईडी द्वारा 2022 से की जा रही है।ईडी द्वारा की जा रही इस छापेमारी और पूछताछ से यह साफ होता है कि राजवीर कंस्ट्रक्शन की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और इस मामले में आने वाले समय में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।