ब्रेकिंग न्यूज़

सूखे नशे के खिलाफ सुपौल पुलिस की बड़ी कार्रवाई, एक करोड़ से अधिक का गांजा और नशीली दवाइयां बरामद SSB ट्रेनिंग सेंटर में तैनात सब इंस्पेक्टर की मौत, सोते समय आया हार्ट अटैक Bihar Road Projects: इस फोरलेन सड़क परियोजना को केंद्र की मिली मंजूरी, बिहार के विकास को मिलेगी नई रफ्तार Bihar Road Projects: इस फोरलेन सड़क परियोजना को केंद्र की मिली मंजूरी, बिहार के विकास को मिलेगी नई रफ्तार उद्योगों के विकास से बिहार बनेगा समृद्ध, निवेशकों को सरकार कर रही है पूरा सहयोग: सम्राट चौधरी Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति पर क्यों खाया जाता है दही-चूड़ा? जानिए.. इसके हेल्थ बेनिफिट्स Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति पर क्यों खाया जाता है दही-चूड़ा? जानिए.. इसके हेल्थ बेनिफिट्स बिहार में रिश्तों का कत्ल: दूसरी पत्नी और बेटा निकले हत्यारा, बेरहमी से रेत दिया था फेंकन पासवान का गला Amrit Bharat Train: पांच अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को इस दिन रवाना करेंगे पीएम मोदी, बिहार के इन स्टेशनों पर होगा ठहराव Amrit Bharat Train: पांच अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को इस दिन रवाना करेंगे पीएम मोदी, बिहार के इन स्टेशनों पर होगा ठहराव

Srijan Scam Bihar: फिर से खुली बिहार के चर्चित सृजन घोटाला की फाइल, 101.78 करोड़ की अवैध निकासी केस की CBI ने दोबारा शुरू की जांच

Srijan Scam Bihar: भागलपुर सृजन घोटाले में 101.78 करोड़ की अवैध निकासी को लेकर CBI ने फिर से दस्तावेजों की जांच शुरू की है. सभी बैंक खातों का क्रॉस वेरिफिकेशन किया जा रहा है.

Srijan Scam Bihar

11-Jan-2026 12:23 PM

By FIRST BIHAR

Srijan Scam Bihar: बिहार के चर्चित सृजन घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने एक बार फिर कागजातों की गहन जांच शुरू कर दी है। भागलपुर जिला परिषद के खाते से 101 करोड़ 78 लाख रुपये की अवैध निकासी के मामले में यह नई पहल की गई है। पटना स्थित सीबीआई कार्यालय में पिछले तीन दिनों से विभिन्न बैंक खातों की विवरणी का क्रॉस वेरिफिकेशन किया जा रहा है।


सूत्रों के अनुसार, जिला परिषद के अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी आवश्यक दस्तावेजों और सीबीआई द्वारा मांगी गई जानकारियों के साथ पिछले तीन दिनों से पटना में मौजूद हैं। जांच के दौरान यह पता लगाया जा रहा है कि किस खाते से कितनी राशि निकाली गई और किन बैंकों के जरिए घोटालेबाजों ने सेंधमारी की।


इस मामले में सीबीआई पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, ऐसे में दोबारा जांच शुरू होने को लेकर जिला परिषद के कर्मचारियों में भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। जानकारी के मुताबिक, महालेखाकार की ऑडिट रिपोर्ट पर भी विस्तार से मंथन किया गया है। महालेखाकार की टीम ने 18 दिसंबर 2021 को जिला परिषद के सभी खातों की जांच की थी, जिसमें पांच से दस साल पुराने रजिस्टर और दस्तावेज खंगाले गए थे। 


ऑडिट टीम ने पिछले 10 वर्षों में मदवार सरेंडर किए गए फंड, लैप्स हो चुके फंड की सूची और घोटाले से जुड़े जिला परिषद कर्मियों द्वारा डील की गई योजनाओं की फाइलें भी मांगी थीं। साथ ही यह रिपोर्ट भी तलब की गई थी कि बीते एक दशक में किस कर्मचारी ने कौन-कौन सी फाइलें संभाली थीं।


बता दें कि जिला परिषद के खाते से गायब 101.78 करोड़ रुपये के मामले में लिपिक राकेश कुमार यादव को बर्खास्त किया जा चुका है। राकेश यादव इस मामले में जेल भी जा चुके हैं। जेल से रिहाई के बाद विभागीय जांच में उन्हें दोषी पाए जाने पर सेवामुक्त कर दिया गया था। करीब तीन साल पहले हुई इस कार्रवाई के बाद से वे सेवानिवृत्ति लाभ से भी वंचित हैं।