Bihar Crime News: बिहार के बांका में मामा-भांजा और भतीजा ने मिलकर बीमा के पैसों को हड़पने के लिए एक मनगड़ंत कहानी बनाकर टाउन थाना में मामला दर्ज कराया था। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने जब जांच शुरू की तो जो कहानी सामने आई उसे जानकर पुलिस भी दंग रह गई।


मामले का खुलासा करते हुए एसडीपीओ बिपिन बिहारी ने बताया कि कटोरिया थाना के मनियां निवासी सुनील कुमार चौधरी ने बांका को एडीबी बैंक से रूपया की निकासी की लेकिन सारा रूपया उसने अपने भांजे बंधुकुरावा थाना के पलार निवासी कृष्ण कुमार मंडल को दे दिया। जिसके बाद उसने डिक्की में रूपया लेकर सीएसपी संचालक सुनील कुमार के भतीजा आशुतोष आनंद को दे दिया। कुल 4 लाख 66 हजार में उसने तीन लाख के करीब रूपया सीएसपी के ग्राहकों के बीच बांट दिया जबकि घर में शादी होने की वजह से डेढ़ लाख रूपया एक किराना दुकानदार को दिया। 


एसडीपीओ ने बताया कि तीनों ने पुलिस को गुमराह कर बीमा कंपनी की राशि को हड़पने की योजना बनाई थी। जब पुलिस तहकीदा करने पहुंची, तो पुलिस को एडीबी बैंक के सीसीटीवी कैमरे से साफ पता चला कि सुनील ने रूपया की निकासी कर अपने भगना को दिया जबकि उसे पुलिस को बताया कि वो राशि की निकासी कर जा रहा था। इसके बाद पुलिस ने साक्ष्य संलग्न कर जब तीनों से पूछताछ किया, तो मामला का पर्दाफास हुआ जबकि तीनों ने घटना को कबूल भी कर दिया है।


दो मई को सुनील चौधरी ने टाउन थाना में लूटपाट का मामला दर्ज कराया था। जिसमें उसने दो बाइक पर सवार चार नकाबपोश अपराधियों के द्वारा लूटपाट की घटना को अंजाम देने का मामला दर्ज कराया था। वहीं एसडीपीओ ने बताया कि एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा के निर्देश पर एसडीपीओ की अगुवाई में टाउन थानाध्यक्ष राकेश कुमार, एसआई सुनील कुमार, विकास कुमार, पवन कुमार, निर्मल झा, आशीष कुमार, मंजीत कुमार सिंह, डीआईयू प्रभारी राजेश कुमार, प्रशांत कुमार, विजय कुमार, धर्मंद्र कुमार और संजय कुमार ने छापामारी कर तीनों की गिरफ्तारी की। जबकि मामला का उद्भेदन किया।

बांका से सोंटी सोनम की रिपोर्ट......