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19-Aug-2025 10:15 AM
By First Bihar
Success Story: बिहार की धरती सिविल सर्वेंट्स देने के मामले में सदैव प्रतिभा की खान रही है। खासकर उन छात्रों के लिए यह एक प्रेरणा स्रोत है, जो सीमित संसाधनों और भाषा की चुनौतियों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करते हैं। ऐसे ही एक प्रेरणादायक उदाहरण हैं कुमार अनुराग, जिन्होंने कई असफलताओं और चुनौतियों का सामना करते हुए अपनी मेहनत से IAS अधिकारी बनने का सपना साकार किया।
दरअसल, कुमार अनुराग प्री बोर्ड की गणित परीक्षा में फेल हो गए थे, वहीं कॉलेज में भी एक बार फेल हुए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। बिहार के कटिहार जिले के रहने वाले अनुराग ने अपनी पढ़ाई हिंदी माध्यम से की, और जब इंग्लिश माध्यम स्कूल में दाखिला लिया तो भाषा की बाधा ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन उनकी लगन ने इस चुनौती को पार किया।
उनका IIT में प्रवेश का सपना पूरा नहीं हो सका, लेकिन उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) से दाखिला लिया और पढ़ाई जारी रखी। कॉलेज में असफलता ने उन्हें और भी मजबूत बनाया। इसके बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की, जो भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। 2017 में पहली बार प्रयास करने पर उन्होंने AIR 667 रैंक हासिल की, और 2018 में अपनी मेहनत और लगन से यह रैंक सुधारकर 48वीं रैंक तक पहुंचाई।
कुमार अनुराग ने मार्च 2019 से अगस्त 2019 तक भारतीय आर्थिक सेवा में सहायक निदेशक के पद पर कार्य करते हुए अनुभव प्राप्त किया। उनकी यह यात्रा संघर्ष और समर्पण की मिसाल है, जिसने साबित किया कि निरंतर प्रयास से कोई भी मंजिल हासिल की जा सकती है। आज वे बिहार के नगर निगम आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बने हुए हैं। उनकी कहानी यह दर्शाती है कि कठिनाइयों के बावजूद अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी सपना सच किया जा सकता है।