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Muzaffarpur train incident : वैशाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस में मची अफरा-तफरी, ब्रेक वाइंडिंग की खामी से उठा धुआं, 25 मिनट रुकी रही ट्रेन

मुजफ्फरपुर में मंगलवार को 12553 अप वैशाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस में उस वक्त हड़कंप मच गया जब ढोली स्टेशन के पास ट्रेन के एक कोच से धुआं उठने लगा। ब्रेक वाइंडिंग की तकनीकी खराबी से ट्रेन करीब 25 मिनट तक रुकी रही, हालांकि समय रहते खामी दूर कर ली गई और बड

11-Nov-2025 05:08 PM

By First Bihar

Muzaffarpur train incident : मंगलवार को समस्तीपुर-मुजफ्फरपुर रेलखंड पर यात्रियों से भरी 12553 अप वैशाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस में उस समय हड़कंप मच गया जब ट्रेन के एक कोच से अचानक धुआं उठने लगा। यह घटना ढोली रेलवे होम सिग्नल के पास हुई, जहां तकनीकी खराबी के कारण ट्रेन को करीब 25 मिनट तक रोकना पड़ा। ट्रेन में अचानक फैले धुएं से यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई और कई लोग घबराकर बोगियों से नीचे उतर गए। हालांकि, रेलवे कर्मियों और ट्रेन स्टाफ की तत्परता से स्थिति पर समय रहते नियंत्रण पा लिया गया और किसी तरह की बड़ी दुर्घटना टल गई।


घटना की शुरुआत दोपहर के समय हुई जब ट्रेन समस्तीपुर से मुजफ्फरपुर की ओर जा रही थी। जैसे ही ट्रेन ढोली स्टेशन के नजदीक पहुंची, अचानक एक कोच के पहिए से धुआं उठने लगा। यात्रियों ने जब यह देखा तो ट्रेन में हड़कंप मच गया। कई लोग चिल्लाने लगे, जबकि कुछ भयभीत यात्री ट्रेन से नीचे उतर आए। स्थिति को देखते हुए ड्राइवर ने तत्परता दिखाते हुए ट्रेन को तुरंत रोका और रेलकर्मियों को सूचना दी। कुछ ही देर में पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।


प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह समस्या ब्रेक वाइंडिंग (Brake Binding) की वजह से हुई थी। यह तकनीकी खामी तब होती है जब ब्रेक पूरी तरह से खुल नहीं पाते और लगातार घर्षण के कारण पहिए गर्म हो जाते हैं, जिससे धुआं उठने लगता है। इस खामी के चलते ट्रेन को तत्काल रोकना जरूरी हो गया ताकि किसी भी संभावित हादसे से बचा जा सके।


सूचना मिलते ही रेलवे के संबंधित अधिकारी और तकनीकी दल मौके पर पहुंच गए। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और ब्रेक वाइंडिंग सिस्टम की जांच शुरू की। तकनीकी टीम ने तुरंत सुधार कार्य आरंभ किया। करीब आधे घंटे की मेहनत के बाद खामी को दूर कर लिया गया। इसके बाद सुरक्षा जांच पूरी होने पर ट्रेन को आगे की यात्रा के लिए हरी झंडी दी गई।


रेलवे अधिकारियों ने बताया कि घटना के दौरान किसी यात्री को कोई नुकसान नहीं हुआ है और सभी यात्री सुरक्षित हैं। अधिकारियों ने यात्रियों को शांत कराया और समझाया कि यह केवल एक तकनीकी समस्या थी, जिसे समय रहते ठीक कर लिया गया। ट्रेन स्टाफ और कुछ समझदार यात्रियों ने भी सहयोग करते हुए माहौल को सामान्य करने में मदद की।


इस घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ट्रेन की सभी सुरक्षा मानकों की जांच की गई है और आगे की यात्रा पूरी तरह सुरक्षित है। साथ ही, तकनीकी विभाग को निर्देश दिया गया है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए नियमित मेंटेनेंस और निरीक्षण की प्रक्रिया को और मजबूत किया जाए।


स्थानीय रेलवे अधिकारियों ने बताया कि समय रहते समस्या का पता चलने और ट्रेन स्टाफ की तत्परता से कोई बड़ा हादसा टल गया। अगर ट्रेन को समय पर नहीं रोका जाता, तो गर्मी और घर्षण की वजह से आग लगने जैसी गंभीर स्थिति भी उत्पन्न हो सकती थी।


इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या लंबी दूरी की ट्रेनों का तकनीकी रखरखाव और निरीक्षण पर्याप्त रूप से नियमित हो रहा है। यात्रियों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से यात्रा के दौरान डर का माहौल बनता है, इसलिए रेलवे को ऐसी समस्याओं पर और सख्ती से निगरानी रखनी चाहिए।