Bihar Crime News: डबल मर्डर केस के तीन आरोपी अरेस्ट, कुख्यात अपराधी ने घर बुलाकर कर दी थी दो लोगों की हत्या Bihar Teacher News: शिक्षक ट्रांसफर-पोस्टिंग की हकीकत- मांगा गोपालगंज भेज दिया गया कटिहार, विधान परिषद में भाजपा MLC ने उठाए सवाल...सरकार को घेरा Bihar Crime News: हत्या के मामले का 24 घंटे के भीतर खुलासा, मुख्य साजिशकर्ता समेत पांच आरोपी अरेस्ट Bihar Crime News: हत्या के मामले का 24 घंटे के भीतर खुलासा, मुख्य साजिशकर्ता समेत पांच आरोपी अरेस्ट Bihar News: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होगी बिहार की यह पहली सरकारी कंपनी, IPO लाने की प्रक्रिया शुरू; कोई भी लगा सकता है पैसा Bihar News: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होगी बिहार की यह पहली सरकारी कंपनी, IPO लाने की प्रक्रिया शुरू; कोई भी लगा सकता है पैसा RTI के तहत प्राइवेट स्कूलों में क्लास 1 में नामांकन की तिथि बढ़ी, अब इतने तारीख तक करें आवेदन 22 साल बाद भारतीय सेना से रिटायर हुए नरेश प्रसाद, नक्सल प्रभावित गांव में हुआ भव्य स्वागत Bihar Assembly : बिहार विधानसभा में नीतीश-तेजस्वी का मजेदार संवाद, सीएम ने कहा- “बैठो न यार”, हल्की-फुल्की नोक-झोंक बनी चर्चा Budget Session : विधानसभा में विजय सिन्हा और भाई वीरेंद्र के बीच भिडंत, स्पीकर ने संभाली स्थिति
18-May-2025 06:56 PM
By RITESH HUNNY
Bihar School News: बिहार के सहरसा स्थित महिषी प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय कुंदह के प्रधानाध्यापक द्वारा छात्रों के लिए भेजी गई पाठ्यपुस्तकों को कोसी नदी में बहाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर महिषी के प्रखंड विकास पदाधिकारी सुशील कुमार ने जलई थाना में एफआईआर दर्ज कराया है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024-25 के शैक्षणिक सत्र के लिए छात्रों को वितरित की जाने वाली किताबें हेडमास्टर सुरेश कुमार द्वारा जानबूझकर नदी में फेंकी गईं। जांच के दौरान दो बोरे भीगी हुई किताबें बरामद की गईं, जबकि चार बोरे नदी की तेज धारा में बह गए। घटना उस वक्त उजागर हुई जब विद्यालय के कक्षा आठ के दो छात्र, सनमोल कुमार और मनीष कुमार, नदी किनारे घूम रहे थे।
उन्होंने देखा कि कुछ किताबें नदी में बह रही हैं। छात्रों के शोर मचाने पर ग्रामीण रतन सादा ने नदी में उतर कर दो बोरे किताबें बाहर निकालीं। स्थानीय ग्रामीणों ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुरेश कुमार को जिम्मेदार ठहराया है। पूछताछ के दौरान सुरेश कुमार ने दावा किया कि स्कूल में कमरों की कमी के कारण उन्हें ऐसा करना पड़ा।
बीडीओ ने जांच के बाद कहा कि प्रधानाध्यापक की यह हरकत छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और सरकारी संपत्ति को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने, पद के दुरुपयोग और सरकारी राशि के गबन की श्रेणी में आता है। पिछले शैक्षणिक सत्र में विद्यालय में कक्षा 1 से 8 तक कुल 354 छात्रों के नामांकन के बावजूद मात्र 220 छात्रों को ही किताबें वितरित की गईं थीं। बीडीओ के लिखित आवेदन पर हेडमास्टर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।