LPG संकट से रोज़गार पर गहरा असर, देशभर से बिहार लौट रहे प्रवासी मजदूरों की बढ़ी भीड़ TRAIN NEWS : 'आप टेंशन क्यों लेती हैं मैडम सीट तो मैं ... ', चलती ट्रेन में सीट दिलाने का खेल या साजिश? सामने आया ऐसा ट्विस्ट, जिसे जानकर आप भी कहेंगे ‘क्या सिस्टम है!’ फेमस होने का खतरनाक शौक: रील बनाने के दौरान बाइक सवार तीन लड़कों ने बुजुर्ग को रौंदा, मौके पर हुई मौत फेमस होने का खतरनाक शौक: रील बनाने के दौरान बाइक सवार तीन लड़कों ने बुजुर्ग को रौंदा, मौके पर हुई मौत IPL 2026: बिहार का बेटा देगा किंग कोहली को टक्कर, टॉस होते ही जुड़ जाएगा नाम के साथ बड़ा इतिहास चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव: पद से हटाई गईं जहानाबाद की जिला परिषद अध्यक्ष रानी कुमारी, उपाध्यक्ष की कुर्सी बची IPL 2026 : आईपीएल 2026 की शुरुआत से पहले CSK को बड़ा झटका, शुरुआती मैचों से बाहर हुए 'थाला' मैट्रिक परीक्षा 2026 के रिजल्ट को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल नोटिस का क्या है सच? बिहार बोर्ड का आया जवाब मैट्रिक परीक्षा 2026 के रिजल्ट को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल नोटिस का क्या है सच? बिहार बोर्ड का आया जवाब Sunset Points in India: भारत में कहां दिखता है सबसे जादुई सनसेट? ये 5 जगहें बना देंगी आपकी शाम यादगार
31-Jan-2026 10:31 PM
By RAMESH SHANKAR
SAMASTIPUR::समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर प्रखंड के हरैल पंचायत के आवास योजना में वसूली का वीडियो वायरल होने बाद डीडीसी सूर्य प्रताप सिंह ने कार्रवाई करते हुए उक्त पंचायत के आवास सहायक स्मिता कुमारी को पद मुक्त कर दिया है। वायरल वीडियो में वसूली करने वाला युवक उक्त महिला कर्मी का भाई है। उसके सहारे ही पंचायत में अवैध वसूली का खेल कराया जा रहा था।
यह खेल प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अन्तर्गत आवास प्लस के माध्यम से सर्वेक्षित परिवारों का चेकर वेरिफिकेशन कार्य के दौरान बदस्तूर जारी था। किसी ने इसका वीडियो बनाकर इसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के साथ ही इसकी शिकायत वाट्स एप के जरिए पदाधिकारियों से की थी। शिकायत मिलते ही सहायक को नोटिस निर्गत कर अपना पक्ष रखने हेतु निर्देशित किया गया।
जवाब में बताया गया कि लाभुक विमली देवी द्वारा उनके भाई को राशि देती हुई नजर आ रही है। वह एक अन्य लाभुक का आधार कार्ड है। इससे यह स्पष्ट हो रहा कि आवास सहायक द्वारा तथ्य को छुपाया जा रहा। साथ ही इस कृत्य के लिए उनके द्वारा क्षमा याचना की मांग की गई।
उक्त कर्मी के जवाब से यह भी स्पष्ट हो गया कि अपने विभागीय दायित्व के निर्वहन में वह गैर विभागीय व्यक्ति की मदद ले रही थी। डीडीसी ने उक्त मामले को गंभीर प्रकृति का मानते हुए तत्काल प्रभाव से उसे सेवामुक्त दिया। डीडीसी ने कहा कि आवास से जुड़े मामलों में लापरवाही भ्रष्टचार बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायत मिलने पर समुचित जांच कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।