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22-Nov-2025 05:40 PM
By First Bihar
ROHTAS: रोहतास के डेहरी इलाके में हदहदवा नहर के पास 9 फीट लंबा अजगर मिलने से हड़कंप मच गया। अजगर को देखते ही लोग दहशत में इधर-उधर भागने लगे, हालांकि कुछ लोगों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस और स्नेक कैचर को दी। थोड़ी ही देर में नहर किनारे भारी भीड़ जमा हो गई।
सूचना मिलने पर स्नेक कैचर अमरनाथ गुप्ता मौके पर पहुंचे और अजगर को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया। अमरनाथ ने बताया कि यह पाइथन प्रजाति का अजगर है, जो विषहीन होता है। रेस्क्यू पूरा होने के बाद उसे जंगल में छोड़ा जाएगा।
स्नेक कैचर अमरनाथ गुप्ता अमरनाथ गुप्ता ने बताया, अजगर देखने में भले ही डरावना लगता है, लेकिन यह बेहद शांत और बिना ज़हरीला होता है। दुनिया में 3,500 से अधिक सांपों की प्रजातियां हैं, जिनमें से लगभग 600 ही विषैले हैं, और सिर्फ 200 प्रजातियां इंसानों के लिए खतरा बनती हैं। अजगर गैर-विषैले सांपों की श्रेणी में आता है।”
उन्होंने बताया कि कोबरा, वाइपर और करैत जैसे सांप अपने शिकार को जहर से मारते हैं, जबकि अजगर अपने शरीर की ताकत से शिकार का दम घोंटकर उसे खत्म करता है। उसके बाद वह शिकार को निगल जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार अजगर के मुंह में जहर की कोई ग्रंथि नहीं होती, हालांकि उसकी लार में कुछ एंजाइम पाए जाते हैं जो शिकार की मांसपेशियों को मुलायम बनाते हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, रोहतास में मिला यह अजगर 9 फीट का था, जो छोटे जानवर—जैसे चूहा, बिल्ली आदि—को आसानी से निगल सकता है। छोटे बच्चों के लिए भी खतरा हो सकता है। एक वयस्क अजगर की लंबाई सामान्यतः 30 फीट तक पहुंच सकती है और वह इंसान सहित बड़े जानवरों को भी निगलने में सक्षम होता है।
अमरनाथ ने बताया कि अजगर एक घात लगाकर हमला करने वाला शिकारी है। वह अक्सर छिपकर बैठता है और जैसे ही कोई जानवर पास आता है, तेजी से लपककर उसे अपने शरीर से लपेट लेता है और दबाव इतना बढ़ा देता है कि कुछ ही मिनटों में उसकी सांस रुक जाती है।
दुनिया भर में अजगर की लगभग 40 प्रजातियां पाई जाती हैं। इनके पास “हिट सेंसिंग पिट्स” होती हैं, जिनकी मदद से वे अंधेरे में भी अपने शिकार का पता लगा लेते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अजगर का छोटा बच्चा भी इतनी ताकत रखता है कि अगर किसी के हाथ से लिपट जाए तो हड्डियाँ तोड़ सकता है।

