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30-Jan-2025 06:43 PM
By First Bihar
BHAGALPUR: आध्यात्मिक गुरु और मानवतावादी गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर जी 8 मार्च 2025 को पहली बार मां पूर्ण देवी की धरती में पूर्णियां पधारेंगे। इस अवसर पर गुरुदेव के नेतृत्व में एक महासत्संग का आयोजन किया जाएगा, जिसमें लगभग एक लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इस कार्यक्रम में विशेष रूप से कई विश्वविद्यालयों और शैक्षिक संस्थानों के 20 से 25 हजार युवा भी शामिल होंगे जिन्हें गुरुदेव संबोधित करेंगे।
यह महासत्संग शाम 5:30 से 7:30 बजे तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें कई अन्य प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहेंगे। गुरुदेव 6 मार्च से 10 मार्च तक बिहार के कई जिलों का दौरा करेंगे जिसमें गया, औरंगाबाद, पटना, पूर्णिया, भागलपुर, खगड़िया और मुंगेर शामिल हैं।
गुरुदेव की पहचान विश्व स्तर पर एक आध्यात्मिक गुरु, मानवतावादी और आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के संस्थापक के रूप में की जाती है जिन्होनें 180 देशों के 45 करोड़ से भी अधिक लोगों को ध्यान, सुदर्शन क्रिया एवं अन्य कई कल्याणकारी कार्यक्रमों के माध्यम से एक सकारात्मक दिशा दी है। सुदर्शन क्रिया एक सरल और प्रभावशाली श्वास तकनीक है जो तनाव, थकान, और क्रोध, चिंता और उदासी जैसी नकारात्मक भावनाओं को दूर करती है। यह आपको शांत, ऊर्जावान और केंद्रित बनाती हैं।
गुरुदेव को कोलंबिया मंगोलिया, पराग्वे, सूरीनाम और फिजी जैसे देशों से मानवता की सेवा और संघर्ष समाधान के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व योगदान को देखते हुए सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मनित किया गया है। भारत सरकार ने भी गुरुदेव को मानवीयता और आध्यात्म के क्षेत्र में उनके महत्त्वपूर्ण योगदान के लिए पद्म विभूषण सम्मान से भी सम्मानित किया है।
बिहार में पिछले कुछ वर्षों में गुरुदेव की संस्था आर्ट ऑफ लिविंग के प्रिजन कार्यक्रम के माध्यम से लगभग 35000 से भी अधिक कैदियों ने सुदर्शन क्रिया और ध्यान द्वारा अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखा है । उनमें से बहुत से कैदी जेल से रिहा होकर आज कहीं इलेक्ट्रीशियन बन गए हैं तो कहीं योग और ध्यान का प्रशिक्षण दे रहे हैं, और कई लोग सैकड़ों लोगों को प्राकृतिक खेती के गुर सिखा रहे हैं। आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से आरा और नौगछिया में मुफ्त स्कूल भी चलाये जा रहे हैं जिनमें पढ़ने वाले कई बच्चे अपने परिवार की पहली पीढ़ी हैं जिन्हें शिक्षा मिल रही है ।
आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षक अखिलेश परमाणु ने बताया, "राज्य में पिछले कई दशकों से आर्ट ऑफ लिविंग संस्था युवाओं, आर्थिक रूप से अशक्त लोगों, ग्रामीणों और किसानों को यूथ लीडरशिप प्रोग्राम, नवचेतना शिविर, प्राकृतिक खेती शिविर और ‘प्रोजेक्ट भारत’ जैसे कई सेवा प्रकल्पों से जोड़कर न केवल उनमें आत्मविश्वास और उत्साह की भावना जागृत कर रही है बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की ओर भी अग्रसर कर रही है।
ई होम्स में आयोजित बैठक में गुरुवार को मुख्य रूप से पनोरमा ग्रुप के प्रबंध निदेशक सह समाजसेवी संजीव मिश्रा,निलम अग्रवाल, शिवेश कुमार, डॉ. ए. स्वामी परम्तेज़, अखिलेश परमाणु, जितेन्द्र यादव, ब्रजेश मिश्रा, राजेश मिश्रा, संतोष नायक, आलोक लोहिया व अन्य कई लोग मौजूद थे।