ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar Greenfield Airport: बिहार के इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को मिली रफ्तार, 4228 एकड़ जमीन चिन्हित, जल्द शुरू होगा निर्माण Bihar Greenfield Airport: बिहार के इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को मिली रफ्तार, 4228 एकड़ जमीन चिन्हित, जल्द शुरू होगा निर्माण मोकामा लूट कांड का खुलासा: जनसुराज पार्टी का नेता निकला मास्टरमाइंड, BSF के पूर्व जवान समेत तीन गिरफ्तार मोकामा लूट कांड का खुलासा: जनसुराज पार्टी का नेता निकला मास्टरमाइंड, BSF के पूर्व जवान समेत तीन गिरफ्तार Crime News: सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, ईमेल मिलते ही अलर्ट हुई पुलिस; सर्च ऑपरेशन जारी Crime News: सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, ईमेल मिलते ही अलर्ट हुई पुलिस; सर्च ऑपरेशन जारी Bihar Crime News: बिहार के इस थाने पर जन संवाद के दौरान किन्नरों का हंगामा, छेड़खानी के विरोध में किया बवाल; पुलिस पर लगाए यह आरोप T20 World Cup 2026: वर्ल्ड कप की शुरुआत से पहले भारत को झटका, हर्षित राणा की प्लेइंग 11 में शामिल होने पर संकट बिहार के युवाओं के लिए अच्छी खबर: पटना में इस दिन लगने जा रहा विशेष जॉब कैंप, देश की नामी कंपनियों में नौकरी का सुनहरा मौका बिहार के युवाओं के लिए अच्छी खबर: पटना में इस दिन लगने जा रहा विशेष जॉब कैंप, देश की नामी कंपनियों में नौकरी का सुनहरा मौका

कौन था याकूब मेमन? जिसके नाम से धमकी भरे ईमेल ने पटना में मचाया हड़कंप

पटना के गांधी मैदान स्थित होटल पनाश में एक धमकी भरा ईमेल आने से हड़कंप मच गया है। इस ईमेल में 1993 के मुंबई बम धमाकों के दोषी याकूब मेमन का नाम इस्तेमाल किया गया है।

Yakub Memon

06-Feb-2025 10:12 AM

By First Bihar

पटना के गांधी मैदान स्थित होटल पनाश में धमकी भरा ईमेल आने से हड़कंप मच गया है। इस ईमेल में 1993 के मुंबई बम धमाकों के दोषी याकूब मेमन का नाम इस्तेमाल किया गया है। ईमेल में होटल में 2 किलो TNT विस्फोटक होने का दावा किया गया, जिससे सुरक्षा एजेंसियों में हलचल मच गई। होटल के वाइस प्रेसिडेंट एलन क्रिस्टोफर ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद जांच शुरू कर दी गई है।


कौन था याकूब मेमन?

याकूब मेमन 1993 के मुंबई सीरियल बम ब्लास्ट का दोषी था। इस घटना में एक के बाद एक 12 बम धमाकों ने पूरे मुंबई को दहला दिया था। याकूब को इन धमाकों की साजिश के लिए पैसे जुटाने का दोषी पाया गया था। 1994 में काठमांडू एयरपोर्ट से उसे गिरफ्तार किया गया था। 27 जुलाई 2007 को टाडा कोर्ट ने उसे फांसी की सजा सुनाई। याकूब मेमन एक शिक्षित व्यक्ति था और पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट था। जेल में रहते हुए उसने इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन भी किया। 30 जुलाई 2015 को नागपुर जेल में उसे फांसी दी गई थी।


पटना में धमकी भरे मेल का मामला

होटल पनाश के ईमेल पर आए इस धमकी भरे मेल ने सभी को चौंका दिया। मेल में लिखा गया था कि होटल में 2 किलो TNT विस्फोटक रखा गया है और तुरंत सभी मेहमानों व कर्मचारियों को बाहर निकालने की चेतावनी दी गई थी। मेल में एक आतंकी संगठन का भी जिक्र किया गया, जिसके स्लीपर सेल द्वारा विस्फोटक प्लांट करने की बात कही गई। होटल के वाइस प्रेसिडेंट एलन क्रिस्टोफर ने बताया कि इस मेल ने होटल की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। पुलिस को सूचना देने के बाद तुरंत जांच शुरू की गई।


गांधी मैदान थाने के थानेदार ने बताया कि होटल प्रबंधन की शिकायत पर जालसाजी, भ्रामक जानकारी देने और IT एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने होटल की सुरक्षा बढ़ा दी है और आसपास के इलाकों में चौकसी बढ़ा दी गई है। फिलहाल होटल से कोई विस्फोटक बरामद नहीं हुआ है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह मेल किसी शरारती तत्व का काम है या इसके पीछे कोई गंभीर साजिश है।


TNT एक खतरनाक विस्फोटक होता है, जिसका इस्तेमाल उद्योगों, खनन और तेल-गैस निकालने में किया जाता है। पुलिस इसे हल्के में नहीं ले रही है और सभी संभावनाओं की गहनता से जांच कर रही है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि याकूब मेमन को 2015 में ही फांसी दी जा चुकी है। इसके बावजूद उसका नाम इस धमकी भरे मेल में क्यों इस्तेमाल किया गया, यह जांच का विषय बना हुआ है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि मेल भेजने वाला कौन है और उसका उद्देश्य क्या था।