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Laddakh DGP : बेगूसराय के मुकेश सिंह बने लद्दाख के DGP, पढ़िए कैसा रहा IIT से IPS तक का प्रेरणादायक सफर

बिहार के बेगूसराय जिले के मंझौल गांव के मुकेश सिंह अब लद्दाख के पुलिस महानिदेशक (DGP) बन गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए नियुक्त किया है।

04-Jan-2026 09:38 AM

By First Bihar

Laddakh DGP : बिहार के बेगूसराय जिले के मंझौल गांव के मुकेश सिंह अब लद्दाख के पुलिस महानिदेशक (DGP) बन गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है। उनके करियर की यह उपलब्धि उनके गांव और जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है। ग्रामीणों ने उनके सम्मान में ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया और परिवार को बधाई देने पहुंचे।


मुकेश सिंह का करियर साहस और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक रहा है। आईआईटी दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने देश की सेवा करने का निर्णय लिया और आईपीएस बन गए। उनकी पहली पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर के पुंछ में एएसपी के रूप में हुई। इसके बाद उन्होंने पुलवामा, रियासी और जम्मू जैसे संवेदनशील जिलों में बतौर एसपी काम किया। इन क्षेत्रों में कार्य करना चुनौतीपूर्ण होने के साथ-साथ जोखिम भरा भी होता है, लेकिन मुकेश सिंह ने हमेशा अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखा।


मुकेश सिंह को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और अदम्य साहस के लिए अब तक दो बार राष्ट्रपति द्वारा वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। यह पुरस्कार उनके निडर और प्रतिबद्ध कार्य के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सराहना का प्रतीक है। बेगूसराय जिले के मंझौल गांव में जन्मे मुकेश सिंह ने बचपन से ही मेधावी होने का परिचय दिया। उनके पिता उपेंद्र प्रसाद सिंह बोकारो स्टील प्लांट में इंजीनियर थे। मुकेश की प्रारंभिक शिक्षा बोकारो के सेंट जेवियर स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के आरके पुरम से इंटर की पढ़ाई पूरी की और फिर IIT दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की।


मुकेश सिंह ने पढ़ाई पूरी करने के बाद दो साल तक बोकारो स्टील प्लांट में नौकरी की, लेकिन देश सेवा की इच्छा ने उन्हें पुलिस सेवा की ओर ले आया। 1996 में उन्होंने आईपीएस परीक्षा पास की और जम्मू-कश्मीर कैडर में नियुक्त हुए। लद्दाख का DGP बनने से पहले मुकेश सिंह दिल्ली स्थित ITBP मुख्यालय में ADGP के पद पर तैनात थे। इसके अलावा उन्होंने जम्मू और श्रीनगर सेक्टर में डीआईजी और एडीजीपी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। लद्दाख में पुलिस व्यवस्था संभालते हुए उनकी जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है, जहां वे सुरक्षा, कानून व्यवस्था और सीमा क्षेत्रों की निगरानी का जिम्मा संभालेंगे।


मुकेश सिंह के चाचा अजय कुमार ने बताया कि मुकेश की मेहनत, ईमानदारी और काबिलियत ने पूरे बेगूसराय जिले का नाम रौशन किया है। उनका यह पद केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि उनके गांव और जिले के लिए भी गर्व का विषय है। उनकी इस नियुक्ति की खबर से उनके गांव में उत्साह और खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने उन्हें बधाई देने के लिए उनके घर पहुंचना शुरू कर दिया। उनके परिवार ने बताया कि मुकेश हमेशा से ही जिम्मेदार, मेहनती और समाज के लिए समर्पित रहे हैं।


मुकेश सिंह का जीवन इस बात का उदाहरण है कि कठिन परिश्रम, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। IIT जैसी प्रतिष्ठित संस्थान से पढ़ाई करने के बाद उन्होंने देश सेवा को चुना और अपनी प्रतिभा और साहस के बल पर उच्चतम पदों तक पहुंचे। उनकी यह उपलब्धि बिहार और खासकर बेगूसराय जिले के युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत है।


मुकेश सिंह के नेतृत्व में लद्दाख में पुलिस व्यवस्था और सुरक्षा मजबूत होने की उम्मीद है। उनका अनुभव, साहस और कर्तव्यनिष्ठा सुनिश्चित करेगी कि लद्दाख में कानून और व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके। उनके करियर की यह नई दिशा उनके परिवार, गांव और पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है।